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दीदी जीजा की खातिर धर्मेंद्र ने दांव पर लगाए 25 लाख, इस मूवी में किया काम, बन गई करियर की बेस्ट फिल्म

धर्मेंद्र ने 1969 की एक फिल्म अपने जीजा की आर्थिक मदद के लिए की थी. उन्होंने न फीस ली और 25 लाख रुपये खुद लगाए. ये फिल्म आगे चलकर उनके करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनी गई और नेशनल अवॉर्ड भी जीता.

दीदी जीजा की खातिर धर्मेंद्र ने दांव पर लगाए 25 लाख, इस मूवी में किया काम, बन गई करियर की बेस्ट फिल्म
दीदी जीजा की खातिर धर्मेंद्र ने दांव पर लगाए 25 लाख

बॉलीवुड में धर्मेंद्र को अक्सर एक सुपरस्टार, एक्शन हीरो और रोमांटिक आइकन के तौर पर याद किया जाता है. लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया. जब उन्होंने स्टारडम से ज्यादा रिश्तों को अहमियत दी. ये ऐसा दौर था जब धर्मेंद्र खुद को एक हीरो के रूप में स्थापित करने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे. लेकिन उसी दौर में उनकी बहन भी मुश्किल वक्त का सामना कर रही थीं. लाडली बहना को इस हाल में देख धर्मेंद्र ने एक फिल्म करना मंजूर की. उस फिल्म के लिए फीस भी नहीं ली. बल्कि अपनी सारी जमापूंजी भी उसी में लगा दी.

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जब बहन पर आई मुसीबत, धर्मेंद्र बने सहारा

बताया जाता है कि धर्मेंद्र की बहन और उनके पति आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे. शायद कर्ज बढ़ता जा रहा था और हालात संभालना मुश्किल हो रहा था. उस समय धर्मेंद्र उनकी मदद के लिए आगे आए. उस वक्त धर्मेंद्र ने एक फिल्म करने का फैसला किया. जिसके जरिए वो अपनी बहन की फैमिली की मदद करना चाहते थे. उन्होंने उस फिल्म में काम करना मंजूर किया. लेकिन खास बात ये थी कि उन्होंने इसके लिए कोई फीस नहीं ली. उल्टा फिल्म को पूरा करने के लिए उन्होंने 25 लाख रुपये खुद लगाए. जो उस दौर में बहुत बड़ी रकम मानी जाती थी.

ये है वो फिल्म

वो कहते हैं न अच्छे काम का नतीजा भी अच्छा ही होता है. धर्मेंद्र के साथ भी ऐसा ही हुआ. उनकी इस फिल्म को जमकर तारीफ मिली. जिसका नाम है सत्यकाम. साल 1969 में आई सत्यकाम को डायरेक्ट किया दिग्गज फिल्ममेकर ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था. ये फिल्म नारायण सान्याल के इसी नाम के बंगाली उपन्यास पर आधारित थी. फिल्म में धर्मेंद्र के साथ शर्मिला टैगोर नजर आईं. अशोक कुमार, संजीव कुमार और रोबी घोष जैसे दिग्गज कलाकार सपोर्टिंग रोल में दिखे. फिल्म को नेशनल फिल्म अवॉर्ड (बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म) से नवाजा गया था और राजिंदर सिंह बेदी को फिल्मफेयर बेस्ट डायलॉग अवॉर्ड मिला. बाद में इस फिल्म को तमिल में .पुननगई. (1971) के नाम से रीमेक भी किया गया.

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