साल 2023 में पठान और द केरल स्टोरी को छोड़ दिया जाए तो अभी तक कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करने में नाकाम रही हैं. फिर वह चाहे अजय देवगन की भोला हो या सलमान खान की फिल्म किसी का भाई किसी की जान. बड़े बजट की फिल्मों का भी वही हश्र हुआ है जो 2022 में लाल सिंह चड्ढा, शमशेरा, सर्कस, विक्रम वेधा, ब्रह्मास्त्र और सम्राट पृथ्वीराज जैसी बिग बजट फिल्मों का हुआ था. कहानी के मामले में कमजोर, एक्टिंग के मोर्चे पर पस्त और खराब डायरेक्शन इन फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर ले डूबा. अब फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर ऐसा हश्र हुआ तो बड़े प्रोडक्शन हाउसेस में अफरातफरी का माहौल तो बनना ही था. इसी के चलते कई बड़े बजट की फिल्में फिलहाल के लिए ठंडे बस्ते में चली गई हैं.
ठंडे बस्ते में गई ये फिल्में
बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड की बैक टू बैक फ्लॉप फिल्मों के बाद प्रोड्यूसर्स और स्टूडियोज ने फूंक-फूंककर कदम रखने का फैसला लिया है. बड़े बजट की कई फिल्मों के बॉक्स ऑफिस पर पस्त होने के बाद फिलहाल के लिए कई प्रोजेक्ट्स को होल्ड कर दिया गया है. इसमें कंगना रनौत की सीता, दीपिका पादुकोण की द्रौपदी, विक्की कौशल की अश्वत्थामा, प्रियंका-आलिया-कैटरीना की जी ले जरा, ऋतिक रोशन की कृष 4 और अक्षय कुमार की गोरखा जैसी फिल्मों के नाम लिए जा सकते हैं. फिलहाल के लिए अभी तक इन फिल्मों को लेकर प्रोडक्शन हाउसेस की तरफ से कोई लेटेस्ट डिटेल सामने नहीं आई हैं. वहीं फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट और कम्प्लीट सिनेमा के एडिटर अतुल मोहन मानते हैं कि फिलहाल फिल्म प्रोड्यूसर कुछ समय के लिए मार्केट के रुझान और दर्शकों के बदलते टेस्ट के मद्देनजर फिल्मों को लेकर धीमी लेकिन सधी हुई चाल से चलना चाहते हैं. इसलिए कुछ फिल्मों को कुछ समय के लिए होल्ड पर रख दिया गया है. कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है.
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माइथोलॉजिकल फिल्में यानी बिग बजट
माइथोलॉजिकल, हिस्टोरिकल और पीरियड विषयों पर बनने वाली फिल्मों का बजट बहुत ज्यादा होता है. भव्य सेट, ड्रेसेस और वीएफएक्स के जबरदस्त काम की वजह से बजट कई बार बूते से बाहर हो जाता है. फिर कई कमियों की वजह से फिल्में पस्त भी हो जाती हैं. जिसकी मिसाल ब्रह्मास्त्र, शमशेरा और सम्राट पृथ्वीराज हैं. ब्रह्मास्त्र का पहला पार्ट लगभग 400 करोड़ रुपये के बजट का था, लेकिन फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हुई और अब इसके अगले पार्ट को लेकर कोई खबर नहीं है. कहा जा रहा है कि इस पर 2025-26 में काम हो सकता है. लेकिन फिलहाल के लिए फिल्म को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है.
सीता और द्रौपदी भी होल्ड पर?
कुछ समय पहले कंगना रनौत की 'सीता' का भी ऐलान हुआ था. लेकिन लंबे समय से फिल्म को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं है. कंगना रनौत की आखिरी रिलीज धाकड़ थी. 85 करोड़ के बजट से बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ ढाई करोड़ रुपये ही कमा सकी थी. बेशक आने वाले समय में वह तेजस और चंद्रमुखी 2 में नजर आएंगाी. लेकिन बिग बजट फिल्म सीता को लेकर फिलहाल के लिए कोई जानकारी नहीं है. हालांकि कुछ ऐसा ही दीपिका पादुकोण की 'द्रौपदी' को लेकर भी है. दीपिका पादुकोण ने पिछले साल द्रौपदी की शूटिंग 2023 में शुरू होने की बात कही थी. लेकिन अभी तक इसे लेकर भी कोई जानकारी नहीं है.
कहां है विक्की कौशल की अश्वत्थामा
वहीं विक्की कौशल की अश्वत्थामा का तो एक टीजर भी रिलीज कर दिया गया था. लेकिन अपने करियर में सिर्फ 'उरी' के रूप में एकमात्र सोलो हिट फिल्म देने वाले विक्की कौशल की इस फिल्म को लेकर भी लंबे समय से चुप्पी है. कोई जानकारी नहीं है.
इन बड़ी फिल्मों को भी लगा ग्रहण
ऋतिक रोशन की कृष 4 को लेकर लगातार खबरें आती रहती हैं. लेकिन अभी तक कुछ फाइन नहीं हो सका है. अब ऋतिक पहले फाइटर पूरी करेंगे और उसके वार 2 तो इस तरह कृष 4 लंबे समय के लिए ठंडे बस्ते में चली गई है. वहीं अक्षय कुमार की गोरखा का भी जोर-शोर के साथ ऐलान हुआ था. लेकिन बच्चन पांडे, राम सेतु, रक्षा बंधन, सम्राट पृथ्वीराज और सेल्फी जैसी बैक टू बैक फ्लॉप फिल्में देने के बाद भी इस फिल्म की कोई खबर नहीं है. वहीं कैटरीना कैफ, आलिया भट्ट और प्रियंका चोपड़ा की 'जी ले जरा' को लेकर खबरें तो आती रहती हैं, लेकिन कुछ सॉलिड होने का फैन्स को बेसब्री से इंतजार है.
सलमान, आमिर और शाहरुख क्या करेंगे?
आमिर खान भी लाल सिंह चड्ढा के बाद से किसी फिल्म को करने से कतराते नजर आ रहे हैं. शाहरुख खान के पास जवान और डंकी के बाद अभी कोई दूसरी फिल्म नजर नहीं आ रही है. वहीं सलमान खान के पास अभी तक सिर्फ टाइगर 3 ही है. इसके बाद वह क्या करेंगे कुछ तय नहीं है. इस तरह इन बड़े सितारों के फ्यूचर प्लांस को लेकर भी सन्नाटा पसरा हुआ है.
कोरोना लॉकडाउन के बाद बदले हालात
कोरोना लॉकडाउन के बाद ओटीटी की दुनिया ऐसी खुली, अधिकतर दर्शक उसकी गिरफ्त में कैद हैं. यही नहीं, इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों के कंटेंट को लेकर टेस्ट को ही बदलकर रख दिया है. विश्वस्तरीय कंटेंट के चलते, दर्शक अब किसी भी कीमत पर कमजोर फिल्मों पर अपनी जेब ढीली करने के लिए तैयार नहीं है. इस बात का इशारा 2022 है जब सिर्फ तीन फिल्में ही बॉक्स ऑफिस पर रंग जमा सकीं. जिनमें भूल भुलैया 2, दृश्यम 2 और द कश्मीर फाइल्स के ही नाम आते हैं. इसी तरह 2023 में सिर्फ पठान को छोड़ दिया जाए तो बाकी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर बुरा हश्र हुआ है. इस तरह कंटेंट के मामले में गच्चा बॉलीवुड को महंगा पड़ रहा है.
स्टूडियोज का बदल गया रूझान
अतुल मोहन बॉलीवुड में कई फिल्मों को होल्ड पर जाने और फिल्मों को फ्लॉप होने को लेकर कहते हैं कि अब फिल्मों प्रोड्यूसर के पैशन और कनविक्शन पर नहीं बनाई जाती है. अब किसी भी फिल्म को बनाने का आधार लॉस और प्रोफिट ही रहता है. इस तरह बड़े स्टूडियो ने सफलता की गारंटी नहीं मिलने पर बड़े प्रोजेक्ट्स से हाथ खींच लिया है. वह कहते हैं, 'बॉलीवुड में सिर्फ आदित्य चोपड़ा ही ऐसे प्रोड्यूसर हैं जो डायरेक्ट फिल्मों को प्रोड्यूस करते हैं. नहीं तो अन्य डायरेक्टर स्टूडियोज के साथ मिलकर फिल्में बनाते हैं.'
मीडियम बजट फिल्मों पर फोकस
वहीं एक मशहूर स्टूडियो से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अब 500 करोड़ रुपये की एक फिल्म पर पैसा फंसाने की बजाय 50 करोड़ की 10 फिल्में या फिर 25 करोड़ की 20 फिल्में बनाना ज्यादा बेहतर है. वैसे भी जनवरी-फरवरी में फिल्मों को लेकर हमारा बजट लॉक हो जाता है ऐसे में हमारा फोकस अब मीडियम बजट की असरदार फिल्में बनाने पर रहता है.
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