90s के दौर के दूरदर्शन (Doordarshan) के धारावाहिकों के तो क्या ही कहने. इनमें कहानी के साथ एक मैसेज भी होता था और यह हर किसी से जुड़ा होता था. 90s में एक ऐसा ही शो आया था, जिसने महिला किरदारों को देखने का नजरिया बदलने में अहम भूमिका निभाई. इस सीरियल का नाम था 'शांति (Shanti)'. दूरदर्शन पर 1994 में शुरू हुए इस धारावाहिक में मंदिरा बेदी (Mandira Bedi) ने एक ऐसी पत्रकार का किरदार निभाया, जो अपनी मां के साथ हुए अन्याय का सच सामने लाने के लिए ताकतवर लोगों से टकराती है. उस दौर में जब टीवी पर पारिवारिक कहानियों का बोलबाला था, शांति ने संघर्ष और बदले की कहानी से दर्शकों को बांधे रखा. बता दें कि इसकी आईएमडीबी रेटिंग 10 में से 6.6 है.
780 एपिसोड तक चला था धारावाहिक
शांति मंदिरा बेदी के करियर का अहम पड़ाव बना. शो में उन्होंने लीड रोल निभाया. शांति की कहानी सिर्फ एक परिवार के रहस्यों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें सत्ता, सामाजिक अन्याय और सच की तलाश जैसे विषय भी शामिल थे. कहानी में शांति अपनी मां तुलसी के अतीत से जुड़े गंभीर अपराध की सच्चाई जानने की कोशिश करती है. इस दौरान उसका सामना एक प्रभावशाली परिवार से होता है. जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, रिश्तों के पीछे छिपे राज सामने आने लगते हैं. हर नए खुलासे के साथ दर्शकों के मन में अगली कड़ी को लेकर उत्सुकता बनी रहती थी.
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शांति का पहला एपिसोड 15 अगस्त 1994 को प्रसारित हुआ था. इसका निर्देशन आदि पोचा ने किया. इसमें मंदिरा बेदी के साथ राजेश तैलंग, अनूप सोनी, अमित बहल और यतीन कार्येकर लीड रोल में थे. इसके लगभग 780 एपिसोड थे और आखिरी एपिसोड मार्च 1998 में आया था. उस दौर में रोजाना प्रसारित होने वाले धारावाहिक बनाना भी टेलीविजन इंडस्ट्री के लिए एक नई चुनौती थी. अभिनेता राजेश तैलंग ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शो के लिए हर दिन एपिसोड तैयार करने पड़ते थे. सीमित समय में शूटिंग और थिएटर से जुड़े कलाकारों की मौजूदगी ने इसकी निर्माण प्रक्रिया को खास बनाया.
इन दिनों कहां हैं मंदिरा बेदी
आज मंदिरा बेदी को दर्शक अभिनेत्री और टीवी प्रेजेंटर के रूप में जानते हैं, लेकिन 90s के दर्शकों के लिए 'शांति' उनकी पहचान का अहम हिस्सा है. दूरदर्शन के पुराने कार्यक्रमों की यादों में इस शो का नाम आज भी इसलिए लिया जाता है, क्योंकि इसने महिला-केंद्रित कहानी को सामाजिक सवालों के साथ पेश किया गया था.
मंदिरा बेदी शांति के अलावा औरत, दुश्मन और क्योंकि सास भी कभी बहू थी जैसे सीरियल में नजर आ चुकी हैं. उन्होंने अपने होस्टिंग करियर की शुरुआत 2003 के आईसीसी क्रिकेट विश्व कप से की थी. इसके बाद उन्होंने कई चैंपियनशिप्स के अलावा 2007 के क्रिकेट विश्व कप की होस्टिंग भी की थी. मंदिरा बेदी के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने प्रभास की फिल्म साहो में निगेटिव रोल किया था. वह एक फैशन डिजाइनर भी हैं और उनका साड़ी का ब्रांड है.
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