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डायरेक्टर को खाना परोसने से किया इनकार तो छिन गया लीड हीरोइन का रोल, फिल्म में दिखी सिर्फ छोटी सी झलक, सालों बाद एक्ट्रेस का खुलासा

राजेश खन्ना से धर्मेंद्र की फिल्मों तक काम कर चुकीं प्रीति सप्रू ने पुराने बॉलीवुड के कई किस्सों से पर्दा उठाया. एक्ट्रेस ने बताया कि एक इनकार के बाद कैसे फिल्म में उनका किरदार ही बदल दिया गया.

डायरेक्टर को खाना परोसने से किया इनकार तो छिन गया लीड हीरोइन का रोल, फिल्म में दिखी सिर्फ छोटी सी झलक, सालों बाद एक्ट्रेस का खुलासा
प्रीति सप्रू ने किया चौंकाने वाला खुलासा

फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता. खासकर उस दौर में, जब बड़े फिल्ममेकर्स के सामने अपनी बात रखना किसी नए कलाकार के लिए बड़ी चुनौती हुआ करता था. पंजाबी सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस प्रीति सप्रू ने अपने करियर के दौरान कुछ ऐसे ही अनुभवों का सामना किया. उन्होंने राजेश खन्ना की फिल्म ‘अवतार', धर्मेंद्र की ‘जागीर' और अमिताभ बच्चन की ‘लावारिस' से जुड़े किस्से साझा किए हैं. बॉलीवुड ठिकाना को दिए एक इंटरव्यू में प्रीति ने बताया कि किस तरह कुछ फिल्ममेकर्स के साथ मतभेद होने के बाद उनके किरदार बदल दिए गए. उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्हें लगा कि उनके साथ गलत व्यवहार हो रहा है, तो उन्होंने चुप रहने के बजाय अपनी बात रखी.

‘अवतार' के सेट पर हुआ ऐसा बर्ताव

प्रीति सप्रू ने 1983 में आई फिल्म ‘अवतार' से जुड़ा एक किस्सा सुनाया. मोहन कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राजेश खन्ना और शबाना आजमी मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म में प्रीति ने शोभा का किरदार निभाया था, जो रमेश की पत्नी थी. कहानी एक ऐसे बुजुर्ग दंपती की थी, जो अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी कुर्बान कर देता है, लेकिन बुढ़ापे में उन्हें ही बच्चों की बेरुखी का सामना करना पड़ता है.

प्रीति के मुताबिक, फिल्म के एक गाने की शूटिंग के दौरान कोरियोग्राफर सुरेश मास्टर राजेश खन्ना को काकाजी और शबाना आजमी को उनके नाम से बुला रहे थे. लेकिन जब प्रीति और सचिन पिलगांवकर को बुलाने की बात आई, तो उन्होंने उन्हें ‘लड़का और लड़की' कहकर संबोधित किया.

प्रीति को यह बात पसंद नहीं आई. उन्हें लगा कि कलाकार होने के बावजूद उनके साथ जूनियर आर्टिस्ट जैसा व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने इस बर्ताव पर नाराजगी जताई और सेट छोड़कर चली गईं. उनके इस कदम से साफ था कि वह अपने काम के साथ-साथ सम्मान को भी अहमियत देती थीं.

‘जागीर' में किरदार छोटा होने का किया दावा

प्रीति ने 1984 में आई फिल्म ‘जागीर' का अनुभव भी साझा किया. प्रमोद चक्रवर्ती के निर्देशन में बनी इस फिल्म में धर्मेंद्र, जीनत अमान, डैनी डेन्जोंगपा और अमरीश पुरी जैसे कलाकार थे प्रीति ने बताया कि शूटिंग के दूसरे दिन वह डैनी डेन्जोंगपा की जन्मदिन की पार्टी में शामिल हुई थीं. पूरी फिल्म यूनिट को इस कार्यक्रम में बुलाया गया था. उनके मुताबिक, फिल्ममेकर प्रमोद चक्रवर्ती वहां पहुंचे और उन्होंने प्रीति से अपने लिए खाना परोसने को कहा. प्रीति को यह बात ठीक नहीं लगी, क्योंकि वह फिल्म में एक एक्ट्रेस के तौर पर काम कर रही थीं.

उन्होंने बताया कि डैनी के सचिव मदन ने उन्हें खाना परोस देने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. प्रीति के अनुसार, अगले दिन उनके किरदार को काफी छोटा कर दिया गया और उन्हें अमरीश पुरी के पीछे खड़े रहने को कहा गया.

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इस बदलाव पर उन्होंने फिल्ममेकर से सवाल किया. प्रीति ने कहा कि उन्हें कहानी सुनाते समय जिस भूमिका के बारे में बताया गया था, अब उनसे वैसा काम नहीं लिया जा रहा था. उन्होंने फिल्ममेकर से कहा कि अगर उनका किरदार इतना छोटा कर दिया गया है, तो उनका नाम गेस्ट अपीयरेंस में डाल दिया जाए, क्योंकि वह एक दिन की शूटिंग कर चुकी थीं.

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