हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक राजा कृष्ण मेनन अब तमिल सिनेमा में कदम रख रहे हैं. ‘एयरलिफ्ट', ‘शेफ' और ‘पिप्पा' जैसी फिल्मों से पहचाने जाने वाले मेनन अपनी पहली तमिल फिल्म की शूटिंग लंदन में शुरू कर चुके हैं. यह एक अनटाइटल्ड साइकोलॉजिकल हॉरर ड्रामा है, जिसमें मुख्य भूमिकाओं में त्रिशा कृष्णन, राधिका सरथकुमार और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अपर्णा बालमुरली हैं. यह फिल्म पैनोरमा स्टूडियोज़ की पहली तमिल प्रोजेक्ट है. निर्देशक मेनन इसे अपनी रचनात्मक यात्रा का नया अध्याय बताया है.
राजा कृष्ण मेनन ने कहा, 'किसी ने एक बार ठीक ही मुझे 'जॉनर एग्नॉस्टिक' कहा था. यह फिल्म उसी यात्रा का अगला पड़ाव है. कई मायनों में यह मेरे लिए पहली फिल्म है, पहली तमिल फिल्म, पहला साइकोलॉजिकल हॉरर और पहली ऐसी कहानी जो पूरी तरह महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है. त्रिशा कृष्णन, राधिका मैडम और अपर्णा बालमुरली के साथ काम करने का अवसर इस यात्रा को और खास बना रहा है.'
फिल्म का फोकस सस्ते जंप स्केयर पर नहीं, बल्कि माहौल, चरित्र और भावनाओं से पैदा होने वाले डर पर है. निर्देशक का लक्ष्य एक अंधेरी, एटमॉस्फेरिक कहानी गढ़ना है, जिसमें महिलाओं के अनुभव और उनके भीतर का तनाव ही आतंक का स्रोत बने. त्रिशा, राधिका और अपर्णा की तीन अलग-अलग पीढ़ियों और अभिनय शैलियों का मेल इस कहानी को गहराई देने वाला माना जा रहा है.
पैनोरमा स्टूडियोज़ के संस्थापक कुमार मंगत पाठक ने कहा कि तमिल सिनेमा हमेशा साहसिक और मौलिक कहानियों का ठिकाना रहा है. उनकी पहली तमिल फिल्म भी उसी भावना को प्रतिबिंबित करे. उनके अनुसार राजा कृष्ण मेनन ने इस जॉनर फिल्म को एक विशिष्ट दृष्टि दी है. राजा कृष्ण मेनन की यह फिल्म न केवल उनकी पहली दक्षिण भारतीय भाषा की फिल्म है, बल्कि महिलाओं पर केंद्रित साइकोलॉजिकल हॉरर के रूप में भी एक अलग प्रयोग है.
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