77 साल पहले 1949 में रिलीज हुई हिंदी की पहली हॉरर फिल्म महल का गीत 'आएगा आनेवाला' हिंदी सिनेमा के यादगार गीतों में से एक माना जाता है. यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि लता मंगेशकर के करियर का वह मोड़ था जिसने उन्हें सुर कोकिला बनाने की दिशा में बढ़ाया. महल मूवी का निर्देशन कमाल अमरोही ने किया था. यह बतौर डायरेक्टर उनकी डेब्यू फिल्म थी. बॉम्बे टॉकीज के बैनर तले बनी फिल्म में अशोक कुमार हरि शंकर और मधुबाला कामिनी/आशा के रूप में हैं. म्यूजिक खेमचंद प्रकाश का था और सभी गीतों के बोल नक्शब जारचवी ने लिखे.
'आएगा आनेवाला' फिल्म का थीम सॉन्ग है. इस गाने को खास बनाने और पूरा इम्पैक्ट आ सके इसके लिए लता मंगेशकर ने स्टूडियो के कोने में खड़े होकर गाना गाया और वो धीरे-धीरे माइक के पास आईं. इस तकनीक से गीत में रहस्य और दूरी का एहसास पैदा किया गया. इस गाने की रिकॉर्डिंग देर रात शुरू हुई थी और सुबह तक चलती रही थी.
'आएगा आनेवाला' वाले गाने ने बदली गायकों की तकदीर
यह वो दौर था जब रेडियो और रेकॉर्ड पर अकसर फिल्म के किरदार का नाम हो था. सिंगर का नहीं. बताया जाता है कि इस गाने की लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि लोग पूछने लगे, गाया किसने है? इसके बाद गायकों का नाम बताया जाने लगा. लता मंगेशकर उस समय बीस साल की थीं. यही गीत उन्हें सुपरस्टार गायिका बनाने वाला साबित हुआ. वह बाद में जाकर सुर कोकिला भी कहलाईं.
फिल्म के बाकी गीत हैं, मुश्किल है बहुत मुश्किल, दिल ने फिर याद किया (लता), छुन छुन घुंघरवा बाजे (राजकुमारी और जोहराबाई), घबरा के जो हम सर को टकराएं और मैं वो हंसी हूं (राजकुमारी).
बजट और कलेक्शन
महल अक्तूबर 1949 में रिलीज हुई थी. उस समय इसका बजट 9 लाख रुपये था. बॉक्स ऑफिस इंडिया और विकिपीडिया के मुताबिक फिल्म ने लगभग 1.45 करोड़ रुपये की कुल कमाई की थी. भारत में नेट कलेक्शन करीब 65 से 80 लाख रुपये बताया जाता है. 1949 की फिल्मों में यह तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म रही- पहले दूसरे नंबर पर बरसात और अंदाज थीं.
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