70 के बॉलीवुड में राजेश खन्ना का जादू चरम पर था. उनकी फिल्मों को दर्शक खूब पसंद किया करते थे. फिल्मों की तरह राजेश खन्ना की फिल्मों को गाने भी सुपरहिट हुआ करते थे. कुछ गाने तो ऐसे रहे जो सदाबहार हैं. कभी-कभी यह गाने आम बोलचाल के लिए भी इस्तेमाल होते हैं. 56 साल पहले राजेश खन्ना की एक फिल्म आई थी, उसका एक गाने इतने हिट हुआ कि आज भी लोग बातचीत में इस्तेमाल करते हैं. इस गाने का नाम 'अच्छा तो हम चलते हैं' है.
आम बोलचाल से निकला गाना
यह गाना साल 1970 में आई फिल्म आन मिलो सजना का है. 'अच्छा तो हम चलते हैं' गाने के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे, जबकि संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. 'अच्छा तो हम चलते हैं' के पीछे एक दिलचस्प कहानी है. दरअसल जब फिल्म आन मिलो सजना के लिए एक रोमांटिक गाना बनाना था.निर्देशक जे. ओम प्रकाश, गीतकार आनंद बख्शी और संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल बैठे थे.
घंटों की कोशिश के बावजूद कुछ नहीं बन रहा था. थककर आनंद बख्शी उठे और बोले- 'अच्छा तो हम चलते हैं.' लक्ष्मीकांत ने तुरंत जवाब दिया-'फिर कब मिलोगे?' बस, उसी पल में इस कालजयी रोमांटिक गाने का बीज पड़ गया. 25 मिनट में पूरा गीत लिखा गया और रात भर में धुन तैयार हो गई. किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाज में 'अच्छा तो हम चलते हैं' फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया.
कॉलेज कैंपस का कल्चरल फेनोमेनन बना
फिल्म में यह गाना राजेश खन्ना और आशा पारेख के बीच छुपके मिलने वाली बातचीत को दिखाता है. आशा पारेख ने खुद बताया था कि शूटिंग के दौरान सूर्यास्त की लाइट पकड़ने में बहुत दिक्कत हुई. फिर भी गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि कॉलेज कैंपस में यह एक तरह का कल्चरल फेनोमेनन बन गया.
आन मिलो सजना का निर्देशन मुकुल दत्त ने किया था. इस फिल्म में राजेश खन्ना, आशा पारेख, विनोद खन्ना और निरुपा रॉय मुख्य भूमिका में थे. संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और बोल आनंद बख्शी के थे. 24 दिसंबर 1970 को रिलीज हुई फिल्म सुपरहिट साबित हुई. यह 1970 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में गिनी जाती है और राजेश खन्ना की 1969-71 की 17 लगातार हिट फिल्मों की सीरीज का हिस्सा बनी.
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