बॉलीवुड में 80 और 90 का दशक वो दौर था, जब पर्दे पर हीरो और हीरोइन की बेहतरीन केमिस्ट्री को लोग पसंद करते थे. उस वक्त पर आने वाले गाने आज भी लोगों की फेवरेट प्लेलिस्ट में शामिल हैं. हालांकि उस दौर के गानों के शूट पर अगर आज के समय को देखते हुए नजर डाले तो वो ज्यादा ड्रैमेटिक लगते थे. जिसमें गाने में सबसे ज्यादा ध्यान हीरो और हिरोइन के बीच की केमिस्ट्री पर दी जाती थी. आज के समय में अगर उस वक्त जैसे वाले गाने का वीडियो आए, तो शायद लोग उसे ट्रोल कर दें और मीम्स सोशल मीडिया पर वायरल हो जाए. लेकिन उस दौर में ऐसा नहीं था. आज हम एक ऐसे ही गाने की बात करेंगे जो 43 साल बाद भी एवरग्रीन बना हुआ है.
आज हम एक ऐसे ही गाने की बात कर रहे हैं जो 43 साल पहले रिलीज हुआ था. इस गाने में 19 साल की श्रीदेवी ने 40 साल के जितेंद्र के साथ रोमांस किया था. उनकी जोड़ी और श्रीदेवी ने अपने डांस से पर्दे पर आग लगी दी थी. 19 साल की श्रीदेवी ने अपनी उम्र से दुगने शख्स के साथ पर्दे पर जो कमाल कर दिखाया वो काबिले तारीफ था. इस गाने को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने अपनी आवाज से सजाया था. आज भी पुराने गानों के शौकीन लोगों के बीच इस गाने को खूब पसंद किया जाता है.
'नैनों में सपना' गाने ने मचाया था खूब धमाल
हम बात कर रहे हैं साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म हिम्मतवाला की. इस फिल्म का गाना 'नैनों में सपना, सपनों मे सजना' गाना अपने समय पर सुपरहिट हुआ था. इस गाने में जितेंद्र और श्रीदेवी की जबरदस्त केमिस्ट्री देखने को मिली थी. इस गाने के बोल इंदीवर ने लिख थे और इसका संगीत बप्पी लाहिड़ी ने तैयार किया था. दाने को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने अपनी आवाज से सजाया था. गाने की सबसे खासियत थी इसकी कलर्ड पिक्चराइजेशन और श्रीदेवी का डांस था. बड़े-बड़े रंगीन मटकों और अलग-अलग प्रॉप्स के बीच और समुर्द के किनारे शूट किए गए इस गाने को उस समय पर काफी पसंद किया गया था.
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फिल्म 'हिम्मतवाला' की कहानी
फिल्म हिम्मतवाला में श्रीदेवी ने रेखा और जितेंद्र ने रवि का किरदार प्ले किया था. दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था. ये एक एक्शन कॉमेडी फिल्म है. फिल्म का निर्देशन के . राघवेंद्र राव ने किया है. यह 1981 की तेलुगु फ़िल्म ऊरुकी मोनागाडु की रीमेक है, जिसे राघवेंद्र राव ने ही निर्देशित किया था. मास्टर धर्म मूर्ति शेर सिंह बंदूकवाला को एक आदमी को मारते हुए देखते हैं. हालांकि, अपने पैसे और असर की वजह से बंदूकवाला बरी हो जाता है. बदला लेने के लिए, बंदूकवाला मूर्ति पर मेनका नाम की एक टीचर के साथ सेक्शुअल असॉल्ट करने का झूठा आरोप लगाता है. मूर्ति इस घटना से बहुत निराश हो जाता है और अपनी पत्नी और बच्चों को छोड़कर गांव छोड़ देता है ताकि उन्हें उससे रिश्तेदार होने का कलंक न लगे.
उसकी पत्नी सावित्री, अपने बेटे रवि को इंजीनियर बनाने के लिए बहुत मेहनत करती है. रवि बड़ा होकर नए डैम कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में चीफ इंजीनियर बनकर गांव लौटता है. इस बीच, बंदूकवाला गांववालों को डरा रहा है. उसकी बेटी रेखा भी उसी की तरह लोगों को परेशान करती है। रवि की बहन पद्मा, मुनीमजी के बेटे शक्ति से प्रेग्नेंट हो जाती है. बंदूकवाला इस स्थिति का फायदा उठाकर रवि को परेशान करना चाहता है. लेकिन आखिर में बंदूकवाला की सच्चाई गांव वालों के सामने आ जाती है. इस तरह से गलत करने वाले की हार होती है.
फिल्म में वहीदा रहमान, अमजद खान, कादर खान, शक्ति कपूर, असरानी और अरुण गोविल ने भी काम किया था. फिल्म का गाना नैनों में सपना और इस फिल्म ने श्रीदेवी को बॉलीवुड में अपनी एक खास जगह बनाने में मदद की थी. गाने में उनके रंगीन कपड़े, खास हेयरस्टाइल और डांस स्टाइल दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बने थे.
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