1993 का दौर बॉलीवुड के लिए संगीत के लिहाज से बेहद खास था और इसी साल आई फिल्म ‘रंग' का गाना ‘तुझे ना देखूं तो चैन' आज भी 90s के सबसे यादगार रोमांटिक गानों में गिना जाता है. इस गाने में 19 साल की दिव्या भारती और कमल सदाना की जोड़ी नजर आई थी, जबकि इसे कुमार सानू और अलका याग्निक ने अपनी आवाज दी थी. संगीत नदीम-श्रवण का था और बोल समीर ने लिखे थे. खास बात यह है कि गाना फिल्म की कहानी से कहीं ज्यादा दिव्या भारती की आखिरी यादों से जुड़ गया. फिल्म रिलीज होने से पहले ही 5 अप्रैल 1993 को दिव्या का निधन हो गया था, जबकि ‘रंग' 9 जुलाई 1993 को सिनेमाघरों में पहुंची.
दिव्या भारती की आखिरी परफॉर्मेंस से जुड़ा है गाना
‘तुझे ना देखूं तो चैन' सिर्फ एक रोमांटिक गाना नहीं, बल्कि दिव्या भारती के फैंस के लिए बेहद भावुक याद भी है. अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस गाने की शूटिंग के करीब सात-आठ दिन बाद दिव्या भारती का निधन हो गया था. रिपोर्ट में इसे कैमरे के सामने उनकी आखिरी परफॉर्मेंस बताया गया है. दिव्या उस वक्त महज 19 साल की थीं. उनका जन्म 25 फरवरी 1974 को हुआ था और 5 अप्रैल 1993 को उनका निधन हो गया. ‘रंग' उनकी मौत के बाद रिलीज होने वाली फिल्मों में शामिल थी और फिल्म को उनकी याद में समर्पित किया गया था.
कुमार सानू-अलका की आवाज और नदीम-श्रवण का जादू
इस गाने की सबसे बड़ी ताकत इसकी आवाज और संगीत का मेल था. कुमार सानू और अलका याग्निक की आवाज में प्यार की बेचैनी को बेहद खूबसूरती से पेश किया गया. गाने का संगीत नदीम-श्रवण ने तैयार किया था और गीतकार समीर ने इसे लिखा था. ‘तुझे ना देखूं तो चैन' के अलावा ‘तेरी मोहब्बत ने दिल', ‘तुम्हें देखें मेरी आंखें' और ‘दिल चीर के देख' भी फिल्म के लोकप्रिय गानों में शामिल थे. दिलचस्प बात यह है कि ‘रंग' का म्यूजिक फिल्म रिलीज से पहले ही लोकप्रिय हो चुका था. ट्रेड आंकड़ों के मुताबिक फिल्म के साउंडट्रैक की करीब 20 लाख यूनिट बिकी थीं और यह 1993 के सबसे ज्यादा बिकने वाले फिल्म एल्बमों में 13वें स्थान पर था.
‘रंग' की कहानी, स्टारकास्ट और बॉक्स ऑफिस
‘रंग' का निर्देशन तलत जानी ने किया था. फिल्म में दिव्या भारती, कमल सदाना, आयशा जुल्का, जितेंद्र और अमृता सिंह जैसे कलाकार थे. कहानी दो ऐसी लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी असली पहचान से अनजान रहते हुए एक ही युवक से प्यार करने लगती हैं. फिल्म 9 जुलाई 1993 को रिलीज हुई. दिव्या भारती के निधन के बाद उनकी आखिरी फिल्मों में से एक के तौर पर इसे लेकर दर्शकों में खास उत्सुकता थी.
आज 33 साल बाद भी जब ‘तुझे ना देखूं तो चैन' बजता है, तो सिर्फ 90s का रोमांस याद नहीं आता, बल्कि दिव्या भारती की बेहद छोटी मगर यादगार फिल्मी पारी भी आंखों के सामने आ जाती है. यही वजह है कि यह गाना आज भी पुराने संगीत प्रेमियों के दिल में अपनी खास जगह बनाए हुए है.
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