वर्तिका नंदा
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जीबी रोड की उदास दीवारें और पुलिस चौकी में खिल रहे हैं उम्मीद के रंग
दिल्ली की बदमान बस्ती जीबी रोड की महिलाओं के जीवन में कैसे रंग भरने की कोशिश की जा रही है और कैसे पुलिस बन रही है मददगार, बता रही हैं प्रोफेसर वर्तिका नंदा.
- अक्टूबर 22, 2025 09:59 am IST
- प्रो. वर्तिका नन्दा
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नमस्कार, ये आगरा जेल रेडियो है... सलाखों के पीछे गूंजती बदलाव की बुलंद आवाज
आगरा जिला जेल की ऊंची दीवारों के पीछे हर दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक माहौल बदल जाता है. बैरकों में 'चिट्ठी आई है' और 'संदेशे आते हैं' जैसे गीतों की धुनें गूंजती हैं. गाने की फरमाइशें लिखकर भेजने की छोटी सी आदत ने अनजाने में साक्षरता की एक नई इबारत लिख दी है.
- सितंबर 25, 2025 17:31 pm IST
- Written by: वर्तिका नंदा
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US में भारतीय ने बुजुर्गों को लगाया 2,50,000 डॉलर का चूना, ठगी का तरीका जानकर रह जाएंगे हैरान
दस्तावेजों के अनुसार, बजाज और उसके साथियों ने बुजुर्ग लोगों को अपने बैंक खातों से बजाज और अन्य द्वारा नियंत्रित खातों में पैसे भेजने के लिए कहा और कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ के कुछ दिन बाद उनके पैसे वापस करने का झूठा वादा किया
- अगस्त 05, 2022 15:36 pm IST
- Reported by: भाषा, Edited by: वर्तिका नंदा
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Video: Ukraine की महिला का छलका दर्द, NDTV से कहा, "पति युद्ध में शामिल होने गए हैं"
Ukraine Crisis: "बच्चे बहुत डरे हुए हैं. हमारे पति युद्ध के लिए गए हैं, ताकि महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित किया जा सके. हमारे खूबसूत शहरों को तबाह किया जा रहा है. बच्चे यह सब देख कर तनाव में हैं. उन्हें पता भी नहीं है कि क्या हुआ."- यूक्रेन की महिला
- मार्च 07, 2022 19:20 pm IST
- Reported by: विष्णु सोम, Edited by: वर्तिका नंदा
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जहां पेट्रोल पंपों के ज़रिये हो रहा है जेल सुधार...
तेलंगाना जाने की एक बड़ी वजह उन पेट्रोल पंपों को देखना था जो कि जेल-सुधार की नई कहानी लिख रहे हैं. वैसे तो मॉडल प्रिजन मैन्यूल में देश भर की जेलों को लेकर सुधार के कई रास्ते सुझाए गए हैं लेकिन उन पर अमल कम ही जेलें कर पाई हैं. इनमें तेलंगाना की जेलों ने एक अनूठी मिसाल कायम की है.
- मार्च 01, 2018 20:41 pm IST
- डॉ वर्तिका नन्दा
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तिनका- तिनका ‘वैलेंटाइन’: इंतजार की अंतहीन खराश के बीच कुछ प्रेम....
‘वैलेंटाइन डे ’ पर भारत और दुनियाभर में प्रेम को विविध रूपों में अभिव्यक्त किया जाता है. इसमें से ज्यादातर जिक्र ‘इस पार’ के संसार का है. लेकिन उस पार के संसार का क्या ? उस प्रेम, संवेदना का क्या जिसे हर इजहार के लिए कानूनी अनुमति चाहिए? उस पार, यानी वह दुनिया जिसे हम ‘जेल’ के नाम से जानते हैं. यह एक शब्द मनुष्य और समाज की चिंता से बहिष्कृत है. इसलिए मैंने आज प्रेम के इजहार के लिए जेल और उस संसार को चुना है.. जिसके बारे में हम कभी बात नहीं करते...
- फ़रवरी 14, 2017 16:35 pm IST
- वर्तिका नंदा