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डॉ. शिव कुमार सरीन

डॉ. शिव कुमार सरीन

लीवर रोग विशेषज्ञ | निदेशक आईएलबीएस | अध्यक्ष - नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज
डॉ. शिव कुमार सरीन भारत के अग्रणी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट (लीवर रोग विशेषज्ञ) हैं। वर्तमान में वह इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलियरी साइंसेज (ILBS), नई दिल्ली के निदेशक और नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज के अध्यक्ष हैं। उन्हें लीवर रोगों, हेपेटाइटिस, सिरोसिस और पोर्टल हाइपरटेंशन के क्षेत...
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डॉ. शिव कुमार सरीन

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डॉ. शिव कुमार सरीन भारत के अग्रणी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट (लीवर रोग विशेषज्ञ) हैं। वर्तमान में वह इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलियरी साइंसेज (ILBS), नई दिल्ली के निदेशक और नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज के अध्यक्ष हैं। उन्हें लीवर रोगों, हेपेटाइटिस, सिरोसिस और पोर्टल हाइपरटेंशन के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए देश और विदेश में व्यापक पहचान मिली है।

शिक्षा और विशेषज्ञता

डॉ. सरीन ने राजस्थान विश्वविद्यालय से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त की तथा इसके बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली से गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में डीएम किया। चिकित्सा क्षेत्र में उनके चार दशक से अधिक लंबे अनुभव ने उन्हें भारत के सबसे सम्मानित चिकित्सकों में शामिल किया है।

शोध और उपलब्धियां

डॉ. सरीन ने लीवर रोगों के निदान और उपचार में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। उनकी विकसित की गई “Sarin’s Classification of Gastric Varices” आज दुनिया भर में अपनाई जाती है। उन्होंने हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, लीवर सिरोसिस, लीवर कैंसर और Acute-on-Chronic Liver Failure (ACLF) जैसे विषयों पर व्यापक शोध किया है।

उनके नाम 440 से अधिक शोध प्रकाशन दर्ज हैं, जो The New England Journal of Medicine, The Lancet, Gastroenterology और Hepatology जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने लीवर रोगों पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का संपादन भी किया है।

चिकित्सा शिक्षा और जनजागरूकता में योगदान

डॉ. सरीन चिकित्सा शिक्षा सुधारों के समर्थक रहे हैं। वह 2010-11 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने भारत में हेपेटाइटिस बी टीकाकरण कार्यक्रम को बढ़ावा देने और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए “येलो रिबन कैंपेन” की शुरुआत की, जो आज भी जारी है।

सम्मान और पुरस्कार

चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. सरीन को अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • पद्म भूषण (भारत सरकार)
  • शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार
  • धन्वंतरि पुरस्कार
  • ओम प्रकाश भसीन पुरस्कार
  • TWAS इंटरनेशनल प्राइज
  • रैनबैक्सी मेडिकल साइंस अवॉर्ड
  • लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा)

पेशेवर भूमिकाएं

डॉ. सरीन कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संगठनों से जुड़े रहे हैं। वह Asian Pacific Association for the Study of the Liver (APASL) और Indian Association for the Study of the Liver (INASL) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वह कई प्रमुख चिकित्सा जर्नल्स के संपादकीय बोर्ड का हिस्सा भी रहे हैं।

मरीजों के प्रति समर्पण

डॉ. शिव कुमार सरीन न केवल एक उत्कृष्ट चिकित्सक और शोधकर्ता हैं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और मरीजों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें देश के सबसे सम्मानित चिकित्सा विशेषज्ञों में स्थान दिलाती है। लीवर रोगों के उपचार और रोकथाम के क्षेत्र में उनका योगदान लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर चुका है।