यूपी में बसपा (मायावती) और सपा (अखिलेश यादव) दोनों ही ब्राह्मण सम्मेलनों के जरिए इस वर्ग को साधने की कोशिश कर रहे हैं. विश्लेषक अमिताभ जी के अनुसार, यूपी में ब्राह्मण आबादी लगभग 11% है, लेकिन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अपने सामाजिक प्रभाव के कारण वे किंगमेकर की भूमिका निभाते हैं. आंकड़ों के अनुसार 2017 में 83% और 2022 में 89% ब्राह्मण वोट बीजेपी को गया था. बीजेपी प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने इसे 'विकास और विरासत' (अयोध्या, काशी, मथुरा) की जीत बताया, जबकि सपा प्रवक्ता विवेक ने अखिलेश यादव के कार्यकाल के विकास कार्यों (लैपटॉप वितरण, एक्सप्रेसवे, इकाना स्टेडियम) को गिनाया और कहा कि बीजेपी अब युवाओं के गुस्से का शिकार हो रही है, जैसा 2024 के लोकसभा चुनावों में दिखा.