सरकार, विपक्ष, छात्र और किसान- तीनों मोर्चों पर एक साथ दबाव के बीच केंद्र ने समाधान का ब्लू प्रिंट तैयार करने का संकेत दिया है. जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का धरना, सड़कों पर किसानों का दिल्ली मार्च और संसद में विपक्ष का हंगामा. 12 साल में पहली बार केंद्र सरकार को एक साथ तीन मोर्चों पर चुनौती मिली है. छात्रों की मांग है कि पेपर लीक रोका जाए और एजुकेशन सिस्टम में रिफॉर्म हो. इसी बीच कांग्रेस नेताओं के पीएम आवास के पास विरोध प्रदर्शन के बाद मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव का बातचीत के लिए पहुंचना इस बात का इशारा है कि सरकार सीधे संवाद का रास्ता खोलना चाहती है. प्रधानमंत्री मोदी ने NDA सांसदों की बैठक में कहा कि पेपर लीक पर कड़ाई से फैसले लिए जा रहे हैं. NEET मामले में 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और एग्जाम सफलतापूर्वक कराया गया. पीएम ने कहा कि पेपर लीक सिर्फ केंद्र या एक राज्य का मुद्दा नहीं, ये पूरे देश और युवाओं के भविष्य का सवाल है. दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए टॉप वकील लगाए जाएंगे और फूलप्रूफ सिस्टम बनाया जाएगा. किसानों के मुद्दे पर भी पीएम ने साफ किया कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा. वहीं, शंभू बॉर्डर पर हरियाणा के किसान भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जुटे. हरियाणा कृषि मंत्री के मुताबिक, मांग पत्र लिया गया और केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान से बातचीत कराने का आश्वासन मिला. 2 मांगें मानने के बाद फिलहाल आंदोलन टला. संसद में हालांकि, गतिरोध बरकरार है. सरकार का कहना है कि विरोध और अराजकता अलग हैं, जबकि विपक्ष पेपर लीक और बेरोजगारी पर चर्चा चाहता है.