एक दिन में 24 घंटे होते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिनचर्या में इन 24 घंटों का एक बड़ा हिस्सा काम के नाम होता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम करने के तरीके को राजनीतिक विश्लेषक अक्सर कॉर्पोरेट स्टाइल का बताते हैं. लेकिन सवाल सिर्फ ये नहीं है कि मोदी 18 घंटे काम करते हैं. बड़ा सवाल ये भी है कि 18-18 घंटे काम करने की ऊर्जा आती कहां से है? इतने लंबे काम के घंटों के बाद भी थकान पर नियंत्रण कैसे दिन की शुरुआत से लेकर देर रात तक काम करने की क्षमता आखिर कैसे बने? क्या इसके पीछे कोई खास अनुशासन है कोई खास दिनचर्या है या फिर कोई ऐसी प्रेरणा है जो लगातार उन्हें आगे बढ़ाती है? प्रधानमंत्री मोदी को करीब से जानने वाले लोग उनकी इस कार्यशैली के बारे में आखिर क्या बताते हैं? आखिर प्रधानमंत्री की इस अथक कार्य क्षमता को वो किस तरह से देखते हैं. PM मोदी के 18 घंटे के कार्य दिवस का पूरा लेखा जोखा हमारी इस स्पेशल पेशकश 'मोदी 24/7 क्लॉक' में...