पीएम नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में नदियों को बचाने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने 'विश्व नदी दिवस' के अवसर पर कहा, "हमारे यहां कहा गया है – “पिबन्ति नद्यः, स्वय-मेव नाम्भः अर्थात् नदियां अपना जल खुद नहीं पीतीं, बल्कि परोपकार के लिये देती हैं." हमारे लिये नदियां एक भौतिक वस्तु नहीं है, हमारे लिए नदी एक जीवंत इकाई है, और तभी तो, तभी तो हम, नदियों को मां कहते हैं. हमारे शास्त्रों में नदियों में जरा सा प्रदूषण करने को गलत बताया गया है.