बीएमसी चुनावों में शिवसेना ने बीजेपी से अलग होने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन राज्य और केंद्र में सत्ता में भागीदारी पर उसे जवाब देना मुश्किल हो रहा है. इन सबके बीच शरद पवार ने ये इशारा कर हालात और मुश्किल बना दिए हैं कि बीजेपी ने मदद मांगी तो वो सोच सकते हैं.