5 मंजिल, 56 साल पुरानी नींव और एक गलत खुदाई: कैसे 'ताश के पत्तों' सी ढही इमारत- VIDEO

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  • प्रकाशित: सितम्बर 09, 2026

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ इमारत हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि इंसानी लालच, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और इंजीनियरिंग की बुनियादी खामियों का एक भयावह परिणाम है. दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित यह इलाका छात्रों के लिए पीजी हब माना जाता है. जिस 56 साल पुरानी इमारत में यह हादसा हुआ, वह मूल रूप से केवल ग्राउंड फ्लोर थी. लेकिन, 55 वर्ग गज की छोटी सी जमीन पर लालचवश अवैध रूप से पांच मंजिलें (G+5) खड़ी कर दी गईं, जबकि नियमों के अनुसार संकरी गलियों में चार मंजिल से ज्यादा निर्माण प्रतिबंधित है. इस पीजी हॉस्टल में करीब 30-40 छात्र रहते थे.
हादसे की मुख्य वजह बेसमेंट में चल रही बड़ी लापरवाही थी. इस जर्जर इमारत के बेसमेंट में बिना किसी जैक के खुदाई और मरम्मत का काम चल रहा था. बारिश के कारण बेसमेंट में पानी भर गया, जिससे मिट्टी गीली हो गई और कमजोर नींव ने पकड़ छोड़ दी. 56 साल पुराने कंक्रीट की भार सहने की क्षमता खत्म हो चुकी थी और निर्माण कार्य के कंपन ने स्थिति और बिगाड़ दी. आइए आपको बताते हैं कि कैसे ताश के पत्‍तों की ढह गई सत्‍यनिकेतन की इमारत...!

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