दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन PG हादसे में मलबे के नीचे दबे एक युवक की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है. करीब 500 टन मलबे के नीचे दबने के बावजूद नीतेश की जान बच गई. जब PG इमारत भरभराकर गिरी, तब वह उसी के अंदर मौजूद थे और मलबे में फंस गए थे. हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने कई घंटों तक अभियान चलाया. मलबे के बीच फंसे नीतेश ने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.