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Higher Exports

'Higher Exports' - 4 News Result(s)
  • US टैरिफ से भारत के कई सेक्टर्स पर असर! कृषि, मशीनरी, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को झटका?

    US टैरिफ से भारत के कई सेक्टर्स पर असर! कृषि, मशीनरी, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को झटका?

    US Tariffs Impact on India: अमेरिका के संभावित रेसिप्रोकल टैरिफ से भारत के कृषि, औषधि, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी सेक्टर पर बड़ा असर पड़ सकता है. निर्यातकों को अब अमेरिकी बाजार के हिसाब से नई रणनीति अपनानी होगी, नहीं तो भारतीय उत्पादों की कीमतें बढ़ने से उनकी मांग घट सकती है.

  • ऊंचे निर्यात की वजह से एक मई तक गेहूं खरीद 44 प्रतिशत घटकर 162 लाख टन पर

    ऊंचे निर्यात की वजह से एक मई तक गेहूं खरीद 44 प्रतिशत घटकर 162 लाख टन पर

    अधिक निर्यात तथा पंजाब और हरियाणा की मंडियों में कम आवक के कारण मौजूदा रबी विपणन वर्ष में एक मई तक केंद्र की गेहूं खरीद 44 प्रतिशत घटकर 162 लाख टन रह गई. सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी है. ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू रबी विपणन सत्र (आरएमएस) 2022-23 में एक मई तक सरकारी एजेंसियों द्वारा लगभग 162 लाख टन गेहूं खरीदा गया है. एक साल पहले की समान अवधि में यह खरीद 288 लाख टन की हुई थी.

  • सरकार ने खड़े किए हाथ, तेल पर और राहत देना उनके बस में नहीं...

    सरकार ने खड़े किए हाथ, तेल पर और राहत देना उनके बस में नहीं...

    पेट्रोल और डीज़ल के दामों में पिछले दिनों मिली राहत अब पुरानी पड़ चुकी है. सरकार ने साफ कर दिया है कि दामों पर नियंत्रण उसके हाथ में नहीं है. 4 अक्टूबर को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल-डीज़ल के दाम में ढाई रुपये कटौती का एलान किया था, लेकिन दिल्ली में पिछले 12 दिनों में प्रति लीटर 2.50 रुपये की ये राहत न  सिर्फ खत्म हो चुकी है, बल्कि डीज़ल और महंगा हो गया है. अब सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं और संकेत दिए हैं कि और राहत देना उनके बस में नहीं है.

  • देश में तेल आपूर्ति की कोई दिक्कत नहीं, केंद्रीय मंत्री ने बताई दाम बढ़ने की असली वजह

    देश में तेल आपूर्ति की कोई दिक्कत नहीं, केंद्रीय मंत्री ने बताई दाम बढ़ने की असली वजह

    ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के लागू होने से पहले भारत ने कहा कि कच्चा तेल बाजार की प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए कच्चे तेल की उपलब्धता कोई वजह नहीं है, बल्कि एक बड़े तेल आपूर्तिकर्ता के बाजार से हटने की आशंका से प्रभावित धारणा के कारण दाम चढ़ रहे हैं. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 'इंडिया एनर्जी फोरम' से इतर कहा कि ईरान से आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उसकी भरपाई के विकल्प मौजूद है. उन्होंने कहा कि एक बड़े आपूर्तिकर्ता के बाजार से अनुपस्थित होने की आशंका में बाजार घबराया हुआ है और इसी कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं.

'Higher Exports' - 4 News Result(s)
  • US टैरिफ से भारत के कई सेक्टर्स पर असर! कृषि, मशीनरी, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को झटका?

    US टैरिफ से भारत के कई सेक्टर्स पर असर! कृषि, मशीनरी, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को झटका?

    US Tariffs Impact on India: अमेरिका के संभावित रेसिप्रोकल टैरिफ से भारत के कृषि, औषधि, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी सेक्टर पर बड़ा असर पड़ सकता है. निर्यातकों को अब अमेरिकी बाजार के हिसाब से नई रणनीति अपनानी होगी, नहीं तो भारतीय उत्पादों की कीमतें बढ़ने से उनकी मांग घट सकती है.

  • ऊंचे निर्यात की वजह से एक मई तक गेहूं खरीद 44 प्रतिशत घटकर 162 लाख टन पर

    ऊंचे निर्यात की वजह से एक मई तक गेहूं खरीद 44 प्रतिशत घटकर 162 लाख टन पर

    अधिक निर्यात तथा पंजाब और हरियाणा की मंडियों में कम आवक के कारण मौजूदा रबी विपणन वर्ष में एक मई तक केंद्र की गेहूं खरीद 44 प्रतिशत घटकर 162 लाख टन रह गई. सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी है. ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू रबी विपणन सत्र (आरएमएस) 2022-23 में एक मई तक सरकारी एजेंसियों द्वारा लगभग 162 लाख टन गेहूं खरीदा गया है. एक साल पहले की समान अवधि में यह खरीद 288 लाख टन की हुई थी.

  • सरकार ने खड़े किए हाथ, तेल पर और राहत देना उनके बस में नहीं...

    सरकार ने खड़े किए हाथ, तेल पर और राहत देना उनके बस में नहीं...

    पेट्रोल और डीज़ल के दामों में पिछले दिनों मिली राहत अब पुरानी पड़ चुकी है. सरकार ने साफ कर दिया है कि दामों पर नियंत्रण उसके हाथ में नहीं है. 4 अक्टूबर को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल-डीज़ल के दाम में ढाई रुपये कटौती का एलान किया था, लेकिन दिल्ली में पिछले 12 दिनों में प्रति लीटर 2.50 रुपये की ये राहत न  सिर्फ खत्म हो चुकी है, बल्कि डीज़ल और महंगा हो गया है. अब सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं और संकेत दिए हैं कि और राहत देना उनके बस में नहीं है.

  • देश में तेल आपूर्ति की कोई दिक्कत नहीं, केंद्रीय मंत्री ने बताई दाम बढ़ने की असली वजह

    देश में तेल आपूर्ति की कोई दिक्कत नहीं, केंद्रीय मंत्री ने बताई दाम बढ़ने की असली वजह

    ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के लागू होने से पहले भारत ने कहा कि कच्चा तेल बाजार की प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए कच्चे तेल की उपलब्धता कोई वजह नहीं है, बल्कि एक बड़े तेल आपूर्तिकर्ता के बाजार से हटने की आशंका से प्रभावित धारणा के कारण दाम चढ़ रहे हैं. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 'इंडिया एनर्जी फोरम' से इतर कहा कि ईरान से आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उसकी भरपाई के विकल्प मौजूद है. उन्होंने कहा कि एक बड़े आपूर्तिकर्ता के बाजार से अनुपस्थित होने की आशंका में बाजार घबराया हुआ है और इसी कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं.