आज देश मना रहा है 78 वां स्वतंत्रता दिवस, स्मारक और इमारतें हुईं तिरंगे से रोशन, देखें Photos
इस साल के स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘2047 में विकसित भारत' है.
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भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस: जानें इतिहास और महत्व.चंद्रयान, मंगलयान के बाद अब गगनयान की तरफ तेज़ी से भारत के मजबूत कदम बढ़ रहे हैं. कभी विज्ञान की रवायतों में, कभी इंसान की रुमानी खयालों में बसने वाला चांद दूर से जितना खूबसूरत लगता है, वो नजदीक से कैसा है, ये जानने की दिलचस्पी सदियों से जमाने को रहा.
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भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस: जानें इतिहास और महत्व.देश के 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार को लाल किले पर आयोजित समारोह में आमंत्रित किए गए 6,000 विशेष मेहमानों में पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाला भारतीय दल, अटल नवाचार मिशन से लाभ उठाने वाले विद्यार्थी, सीमा सड़क संगठन के कर्मी और ग्राम पंचायतों के सरपंच शामिल हैं.
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भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस: जानें इतिहास और महत्व.रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘इस साल के स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘2047 में विकसित भारत' है. यह समारोह 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र में रूपांतरित करने की दिशा में सरकार के प्रयासों को नए सिरे से बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा.''
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भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस: जानें इतिहास और महत्व.मंत्रालय के अनुसार, ‘‘अटल नवाचार मिशन और पीएम श्री योजना से लाभान्वित होने वाले छात्र और ‘मेरी माटी मेरा देश' के तहत मेरा युवा भारत (माई भारत) और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे.''
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भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस: जानें इतिहास और महत्व.इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री मोदी को सलामी मंच पर ले जाएंगे, जहां संयुक्त अंतर-सेवा और दिल्ली पुलिस गार्ड प्रधानमंत्री को सामान्य सलामी देंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री सलामी गारद का निरीक्षण करेंगे.
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भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस: जानें इतिहास और महत्व.इस वर्ष भारतीय नौसेना समन्वयकारी सेना है. सलामी गारद की कमान कमांडर अरुण कुमार मेहता संभालेंगे. प्रधानमंत्री के गार्ड में सेना की टुकड़ी की कमान मेजर अर्जुन सिंह संभालेंगे, नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर गुलिया भावेश एनके संभालेंगे और वायु सेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर अक्षरा उनियाल संभालेंगी.
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भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस: जानें इतिहास और महत्व.विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से पारंपरिक पोशाक पहने लगभग 2,000 लोगों को भी इस भव्य समारोह का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है. रक्षा मंत्रालय द्वारा ‘माई जीओवी' और आकाशवाणी के सहयोग से आयोजित विभिन्न ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के तीन हजार विजेता भी इस समारोह का हिस्सा होंगे.