Ashok Kharat Financial Fraud: बलात्कार के आरोपी अशोक खरात से जुड़े कथित वित्तीय लेन‑देन के जाल की परतें खुलने लगी हैं. शिरडी पुलिस (Shirdi Police) को जांच में ऐसे 132 संदिग्ध बचत और सावधि जमा (FD) खाते मिले हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति अशोक खरात को नॉमिनी बनाया गया है. ये खाते शिरडी क्षेत्र की दो स्थानीय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों (पैट-संस्थाओं) में फैले हुए हैं. पुलिस ने इस मामले में खरात के करीबी सहयोगी नमकरण अवारे से गहन पूछताछ शुरू की है. जांच का मकसद इन खातों में जमा रकम के स्रोत, लेन‑देन के पैटर्न और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को खंगालना है. अधिकारियों के मुताबिक, अवारे और उसके परिजनों के नाम पर समता क्रेडिट सोसायटी में छह खातों के जरिए करीब ₹1.20 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं.
‘नॉमिनी बनाने की जानकारी नहीं' : अवारे का दावा
पूछताछ के दौरान नमकरण अवारे ने दावा किया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके खातों में अशोक खरात को नॉमिनी बनाया गया है. खास बात यह है कि अवारे खुद एक अन्य क्रेडिट सोसायटी के संस्थापक भी बताए जा रहे हैं, जिससे पुलिस को उनके दावे पर संदेह है.
100 से ज्यादा खाताधारकों की भूमिका जांच के घेरे में
पुलिस ने समता क्रेडिट सोसायटी में 100 से अधिक खाताधारकों की भी जांच शुरू की है. शुरुआती संकेतों के मुताबिक, यह मामला केवल व्यक्तिगत लेन‑देन तक सीमित नहीं, बल्कि संगठित मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट की ओर भी इशारा कर सकता है.
अब आगे क्या?
जांच एजेंसियां खातों की केवाईसी, कैश फ्लो, नॉमिनी बदलाव और आपसी लिंक का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें : ढोंगी बाबा अशोक खरात केस में SIT को झटका, सरकारी वकील अजय मिसर ने पैरवी से किया इनकार
यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश का कहर, 1.22 लाख हेक्टेयर फसल तबाह; यूपी‑एमपी में भी आंधी और बारिश का खतरा
यह भी पढ़ें : MP में सियासी भूचाल; राजेंद्र भारती कैसे दतिया सीट पर बचा पाएंगे अपनी विधायकी? कांग्रेस और BJP आमने-सामने
यह भी पढ़ें : नागपुर‑पुणे में फर्जी जाति प्रमाणपत्र घोटाला; अब राज्यभर के कॉलेज रडार पर, 11 पर FIR














