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पत्नी को पति के किस ओर सोना चाहिए? जान‍िए क्‍या कहता है श‍िव महापुराण

पत्नी को पति के किस ओर सोना चाहिए? चल‍िए जानते हैं इस बारे में शिव पुराण क्‍या कहता है.

पत्नी को पति के किस ओर सोना चाहिए? जान‍िए क्‍या कहता है श‍िव महापुराण
पत्नी पति के दाहिनी ओर सोती है तो क्या होता है?

Shiv Mahapuran Tips: सनातन धर्म के ग्रंथ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं. बल्कि वो हमारे रोजमर्रा के जीवन को संतुलित और शांत बनाने के सूत्र भी देते हैं. शिव पुराण (Shiv Puran Ka Mahatv) में वैवाहिक जीवन से जुड़ी कई ऐसी बातें बताई गई हैं. जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं. इन्हीं में से एक है पति-पत्नी (Patni ko Kis Side Sona Chahiye) की सोने की दिशा. ज्योतिष मनीष बजाज के अनुसार पत्नी का पति की बाईं ओर सोना कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि एनर्जी संतुलित करने, सम्मान और इमोशनल स्टेबिलिटी का प्रतीक है. सही आदतें रिश्तों में गहराई और शांति लाती हैं.

शिव पुराण की दृष्टि से सोने की दिशा (Sleeping Direction According to Shiv Puran)

शिव पुराण के अनुसार, दांपत्य जीवन में ऊर्जा का संतुलन बहुत अहम है. ग्रंथों में बताया गया है कि पुरुष की दाईं ओर और स्त्री की बाईं ओर की ऊर्जा अलग-अलग प्रकृति की होती है. जब पत्नी पति की बाईं ओर सोती है. तो दोनों की एनर्जी एक-दूसरे को पूरक बनाती है. इससे घर में पॉजिटिविटी बनी रहती है और रिश्ते में टकराव कम होता है.

बाईं ओर सोने का आध्यात्मिक अर्थ (Spiritual Meaning of Sleeping on the Left)

मान्यताओं के अनुसार, पति की बाईं ओर पत्नी का स्थान शांत और कोमल होता है. ये व्यवस्था इमोशनल स्टेबिलिटी, आपसी सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है. वहीं पति की दाईं ओर की ऊर्जा को रक्षक और स्थिर माना गया है. जो परिवार को सहारा देती है.

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क्या ये अंधविश्वास है? (Is It a Superstition?)

अक्सर लोग ऐसी बातों को अंधविश्वास मान लेते हैं, लेकिन ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि ये नियम नेचुरल और ऊर्जा संतुलन पर आधारित हैं. ज्योतिषी एस्ट्रो मनीष बजाज अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहते हैं कि शास्त्रों में बताए गए नियम डराने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को सहज और संतुलित बनाने के लिए हैं. पति-पत्नी की सोने की सही दिशा रिश्ते में सम्मान और समझ बढ़ाती है.

केवल ज्योतिष नहीं, जीवनशैली भी जरूरी (Lifestyle Matters More Than Astrology)

शिव पुराण ये भी स्पष्ट करता है कि केवल ज्योतिषीय उपाय काफी नहीं होते. अगर व्यवहार, दिनचर्या और सोच में तालमेल न हो तो शांति नहीं रह पाती. आपसी संवाद, सम्मान और छोटी-छोटी आदतें ही रिश्ते को मजबूत बनाती हैं.

छोटे अभ्यास, बड़ा असर (Small Habits, Long-Term Impact)

रोजमर्रा की छोटी आदतें जैसे सही समय पर सोना, एक-दूसरे का सम्मान करना और सकारात्मक सोच लंबे समय में मैरिड को स्थिर और सुखी बनाती हैं. सही दिशा में सोना भी उन्हीं आदतों में से एक है. जो शांति और सामंजस्य बनाए रखने में मदद कर सकती है.

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