How can you get rid of lice quickly: सिर में जूं होना आम समस्या है, लेकिन एक बार होने पर इनसे छुटकारा पाना बेहद मुश्किल हो जाता है. बालों में चिपकी लीखें स्कैल्प में खुजली बढ़ती हैं. वहीं, बार-बार खुजाने से जलन का एहसास भी बढ़ जाता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. आयुर्वेद में माना गया है कि जब सिर की त्वचा में गंदगी और ज्यादा पसीना आने लगता है, तब जूं की समस्या होती है. ऐसे में कुछ प्राकृतिक चीजें मिलकर इस समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकती हैं. आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में-
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कैसे खत्म करें सिर से जूं?
नंबर 1- नारियल के तेल और नीम के बीजजूं खत्म करने के लिए नारियल के तेल और नीम के बीजों के मिश्रण को सबसे प्रभावशाली उपाय माना गया है. आयुर्वेद में नीम को कृमिघ्न यानी कीड़े और परजीवी नष्ट करने वाला कहा गया है. नीम के बीजों में ऐसे कड़वे तत्व पाए जाते हैं, जो जूं के लिए जहर की तरह काम करते हैं. वहीं, नारियल का तेल सिर की त्वचा को पोषण देता है और बालों की जड़ों तक गहराई से पहुंचकर जूं के सांस लेने के रास्ते को बंद कर देता है.
जब नारियल तेल को धीमी आंच पर गर्म करके उसमें नीम के बीज डाले जाते हैं और उसे कुछ दिनों तक रखा जाता है, तो नीम के औषधीय गुण तेल में पूरी तरह घुल जाते हैं. यह तेल जब सिर पर लगाया जाता है, तो सबसे पहले जूं की बाहरी परत को कमजोर करता है. जूं सांस लेने के लिए बहुत छोटे छिद्रों पर निर्भर होती हैं. तेल इन छिद्रों को बंद कर देता है, जिससे जूं धीरे-धीरे मरने लगती हैं.
नीम के बीजों का कड़वापन लीखों पर भी असर करता है, जिससे वे बालों से ढीली पड़ने लगती हैं और दोबारा जूं पैदा नहीं हो पाती. विज्ञान के अनुसार, नीम में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण सिर की त्वचा में होने वाले संक्रमण को भी कम करते हैं. इसके नियमित उपयोग से चार से पांच हफ्तों में जूं पूरी तरह खत्म हो जाती हैं.
नंबर 2- पेट्रोलियम जेली और कपूर का मिश्रणपेट्रोलियम जेली और कपूर का मिश्रण भी इस समस्या को दूर करने में मददगार होता है. आयुर्वेद में कपूर को शीतल, कीटाणुनाशक और खुजली शांत करने वाला माना गया है. कपूर की तेज खुशबू और उसकी गर्म तासीर जूं के लिए नुकसानदायक होती है. वहीं, पेट्रोलियम जेली एक गाढ़ा पदार्थ है, जो जूं को बालों में फंसाकर उनकी गति रोक देती है. जब पेट्रोलियम जेली और कपूर को मिलाकर सिर की त्वचा पर लगाया जाता है, तो यह मिश्रण जूं के शरीर को ढक देता है. इससे जूं को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे कुछ ही समय में मर जाती हैं.
पेट्रोलियम जेली जूं के श्वसन तंत्र को ब्लॉक करती है, जबकि कपूर उसके तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है. कपूर की खुशबू जूं को सिर से दूर भगाने का काम भी करती है. यही कारण है कि इस उपाय के बाद जब बालों को धोकर कंघी की जाती है, तो मरी हुई जूं और लीखें आसानी से निकल जाती हैं. साथ ही, कपूर सिर की खुजली और डैंड्रफ को भी कम करता है, जिससे त्वचा को राहत मिलती है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं