Realistic Habit Framing Challenge on World Health Day: हम में से ज्यादातर लोग वर्ल्ड हेल्थ डे पर जोश में आकर जिम की महंगी मेंबरशिप ले लेते हैं या फिर उबला हुआ खाना शुरू कर देते हैं. लेकिन सच तो यह है कि लाइफस्टाइल (Lifestyle) रातों-रात नहीं बदलती. तीसरे दिन तक आते-आते थकान और बोरियत हमारे संकल्प को तोड़ देती है. अगर मैं आपसे कहूं कि आपको अपनी जिंदगी बदलने के लिए घंटों नहीं, बल्कि सिर्फ 10 मिनट चाहिए? जी हां, यह 10 मिनट का हेल्थ रूल आपकी भागदौड़ भरी जिंदगी में आसानी से फिट हो जाता है और 7 दिन खत्म होते-होते आप खुद में एक बड़ा फर्क महसूस करेंगे.
क्या है यह 10 मिनट हेल्थ रूल
हम अक्सर हेल्थ को लेकर इसलिए पीछे हट जाते हैं क्योंकि हमें लगता है कि इसके लिए बहुत तामझाम चाहिए. 10 मिनट का नियम एक सिंपल आदत बनाने पर जोर देता है. आपको अपनी पूरी रूटीन बदलने की कोई जरूरत नहीं है. बस दिन भर में कोई भी 10 मिनट ऐसे चुनिए जो सिर्फ आपके हों. यह नियम आपको अनुशासन नहीं, बल्कि खुद से प्यार करना सिखाता है. छोटे स्टेप्स उठाने से दिमाग पर बोझ नहीं पड़ता और आप इसे लंबे समय तक निभा पाते हैं.
आपका 7 दिनों का हेल्थ रिबूट प्लान
पहला दिन: गहरी सांसों का जादू
आज से शुरुआत करें. कहीं भी आराम से बैठ जाएं और 10 मिनट तक गहरी सांसें लें. महसूस करें कि हवा आपके अंदर जा रही है. यह सिर्फ फेफड़ों के लिए नहीं, बल्कि आपके दिमाग को शांत करने का सबसे पावरफुल तरीका है.
दूसरा दिन: शरीर की जकड़न को कहें बाय
दिन भर लैपटॉप के सामने या फोन पर झुके रहने से हमारी मसल्स जाम हो जाती हैं. आज के 10 मिनट सिर्फ बेसिक स्ट्रेचिंग के लिए. अपनी गर्दन, कंधों और कमर को थोड़ा हिलाएं. आप महसूस करेंगे कि शरीर कितना हल्का हो गया है.
तीसरा दिन: फोन छोड़ें और टहलें
आज के 10 मिनट के लिए अपना फोन स्विच ऑफ कर दें या कमरे में छोड़ दें. बाहर निकलें और बस टहलें. बिना किसी नोटिफिकेशन के बिताए ये 10 मिनट आपकी मेंटल हेल्थ के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं हैं.
चौथा दिन: डाइट की छोटी सी प्लानिंग
आज 10 मिनट बैठकर सोचें कि आप क्या खा रहे हैं. कोई बड़ा बदलाव नहीं, बस कल के खाने में एक फल या एक कटोरी सलाद जोड़ने का फैसला करें. यह छोटी सी प्लानिंग आपकी एनर्जी को कई गुना बढ़ा देगी.
पांचवां दिन: पॉजिटिव सोच का पावर डोज
आज के 10 मिनट अपनी खूबियों और उन चीजों के बारे में सोचने में लगाएं जिनके लिए आप भगवान या कुदरत के शुक्रगुजार हैं. जब मन खुश होता है, तो शरीर अपने आप स्वस्थ रहने लगता है.

छठा दिन: सीधे बैठें, कॉन्फिडेंस बढ़ाएं
गलत पोश्चर न सिर्फ दर्द देता है, बल्कि आपकी पर्सनैलिटी को भी दबाता है. आज 10 मिनट आईने के सामने सीधे खड़े होने और बैठने की प्रैक्टिस करें. यह छोटी सी प्रैक्टिस आपके रीढ़ की हड्डी के लिए वरदान है.
सातवां दिन: सुकून वाली नींद
चैलेंज का आखिरी दिन है. सोने से ठीक 10 मिनट पहले अपनी स्क्रीन बंद कर दें. हल्की लाइट में बैठें या कोई किताब पढ़ें. यह आपके दिमाग को संकेत देगा कि अब आराम का समय है.
यह चैलेंज क्यों है सबसे अलग
इस चैलेंज की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें कोई दबाव या सख्ती नहीं है. यह आपकी पर्सनल जर्नी है. तो इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर किसी भारी-भरकम वादे के बजाय खुद को ये 10 मिनट दें.
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