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सूरजकुंड मेला 2026 की 7 खास चीजें: इस बार Egypt और UP- मेघालय का दिखेगा जलवा, खाने- पीने और बच्चों के लिए ये हैं ऑप्शन

Surajkund Mela 2026: 39वां सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट मेला शुरू हो चुका है, ऐसे में अगर आप इस मेले में घूमने की प्लानिंग बना रहे हैं तो यहां आने से पहले ये 7 खास बातों के बारे में जान लीजिए. इन बातों को जान लेने के बाद आप और अच्छे से मेले को एक्सप्लोर कर सकेंगे. आइए जानते हैं.

सूरजकुंड मेला 2026 की 7 खास चीजें: इस बार Egypt और UP- मेघालय का दिखेगा जलवा, खाने- पीने और बच्चों के लिए ये हैं ऑप्शन
Surajkund Mela 2026.

Surajkund Mela 2026: 39वां सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट मेला (Surajkund International Crafts Mela 2026) 31 जनवरी से शुरू हो गया है, जो 15 फरवरी, 2026 तक चलेगा. बता दें, इस मेले का आयोजन हरियाणा के फरीदाबाद में किया जा रहा है. जहां आपको दुनिया और भारतीय संस्कृति की कारीगरी और शिल्पकला देखने को मिलेगी. इस साल का मेला "Local to Global" थीम पर केंद्रित है.  ऐसे में अगर आप भी इस मेले में घूमने की प्लानिंग बना रहे हैं तो यहां आने से पहले ये 7 खास बातों के बारे में जान लीजिए, ताकि आप बिना किसी टेंशन के मेले को अच्छे से एक्सप्लोर कर सकें. आइए जानते हैं. 

सूरजकुंड मेले में मिस्र (Egypt) और यूपी-मेघालय का दिखेगा जलवा!

इस बार सूरजकुंड मेले में मिस्र (Egypt) और यूपी-मेघालय का जलवा देखना चाहते हैं तो यहां पहुंच जाइए. बता दें, इस साल मिस्र को  पार्टनर नेशन और उत्तर प्रदेश और मेघालय को थीम राज्य (Theme States) मानते हुए, इस साल का मेला "Local to Global" थीम पर केंद्रित है.

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 बता दें, सूरजकुंड मेले में मिस्र पार्टनर नेशनल के रूप में भाग ले रहा है. जहां आपको उनके प्राचीन पिरामिडों, लक्सर (Luxor's) के आइकोनिक मंदिरों और Cairo (मिस्र  की राजधानी) के बाजारों को देखने का मौका मिलेगा. यहां आकर आप इस देश की पारंपरिक शिल्प, संगीत और नृत्य को देख सकेंगे.

  1. उत्तर प्रदेश का 'One District One  Product' (ODOP) प्रदर्शनी : सूरजकुंड मेले में आपको यूपी के 40 से अधिक स्पेशल स्टॉल देखने को मिलेंगे. जहां आप बनारसी सिल्क, चिकनकारी कढ़ाई, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन, कन्नौज के इत्र और आजमगढ़ के काले मिट्टी के बर्तनों सहित हस्तशिल्प वस्तुएं देखने को मिलेगी.
  2. मेघालय की कल्चरल और नेचुरल हेरीटेज : अगर आप मेले में आ रहे हैं तो इस साल आपको मेघालय की अनूठी आदिवासी संस्कृति, बांस और बेंत के उत्पादों, हथकरघा वस्त्रों और पारंपरिक आदिवासी आभूषणों के स्टॉल देखने को मिलेंगे. अगर आप कल्चरल और नेचुरल चीजें खरीदने के शौकीन हैं, तो यहां आकर आपकी बिल्कुल भी निराशा नहीं होगी.
  3. कारीगरों का गांव और 1000 से अधिक स्टॉल : मेले में 1,000 से अधिक कार्यशालाएं हैं, जो विजिटर्स को पूरे भारत के कुशल कारीगरों और बुनकरों से सीधे खरीदारी करने की सुविधा दे रही है. अगर आपको हाथ से बनी चीजें खरीदने का शौक हैं तो यहां बेझिझक आ सकते हैं.
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  4. नुक्कड़ रंगमंच और कठपुतली का प्रदर्शन : मेले में खरीदारी के साथ- साथ लोगों के मनोरंजन का भी खास ध्यान रखा गया है. बता दें, यहां दोनों खुले रंगमंचों (चौपालों) में प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक पारंपरिक लोक नृत्य, संगीत, नुक्कड़ रंगमंच और कठपुतली के डांस समेत  कई प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं. जिन्हें देखकर आपको काफी मजा आएगा.
  5. ग्लोबल क्यूज़ीन फूड कोर्ट :  अगर आप खाने- पीने के जबरदस्त शौकीन हैं, तो यकीन मानिए सूरजकुंड मेले में आकर आपको खूब मजा आने वाला है. बता दें, यहां आपको अलग- अलग राज्यों के व्यंजन चखने का मौका मिलेगा.  दरअसल यहां आप  राजस्थानी और पंजाबी व्यंजनों से लेकर नॉर्थ- ईस्ट व्यंजन और मिस्र के व्यंजनों सहित इंटरनेशनल स्वाद का लुत्फ उठा सकते हैं.
  6. प्रैक्टिकल वर्कशॉप : विजिटर्स पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने, बुनाई और चित्रकला की प्रैक्टिकल वर्कशॉप में भाग ले सकते हैं, जबकि मेले में बच्चों के लिए खेल और मनोरंजन के लिए कई चीजें उपलब्ध है. अगर आप अपने बच्चों के साथ एक मस्ती भरा वीकेंड प्लान करने की सोच रहे हैं, तो यहां आया जा सकता है.

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