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मानसून में स्किन हो रही है खराब? मौसम नहीं, आपकी ये 5 गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार

मानसून में आपकी रोजमर्रा की स्किनकेयर आदतें ही तय करती हैं कि त्वचा हेल्दी और संतुलित रहेगी या फिर पिंपल्स, फंगल इन्फेक्शन, जलन और बेजान त्वचा जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

मानसून में स्किन हो रही है खराब? मौसम नहीं, आपकी ये 5 गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार
मानसून स्किनकेयर
file photo

बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इस दौरान बढ़ी हुई नमी, पसीना और लगातार गीले माहौल में रहने की वजह से त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी हो सकती हैं. अक्सर लोगों को लगता है कि मौसम ठंडा होते ही त्वचा अपने आप हेल्दी हो जाएगी, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. मानसून में आपकी रोजमर्रा की स्किनकेयर आदतें ही तय करती हैं कि त्वचा हेल्दी और संतुलित रहेगी या फिर पिंपल्स, फंगल इन्फेक्शन, जलन और बेजान त्वचा जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में मानसून में त्वचा खराब होने के लिए सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि हमारी कुछ आम आदतें जिम्मेदार होती हैं. चलिए आपको बताते हैं कौन सी गलतियां इसके लिए जिम्मेदार होती है.

बादल होने पर सनस्क्रीन न लगाना

बारिश का मौसम आते ही कई लोग सनस्क्रीन लगाना छोड़ देते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि जब धूप दिखाई नहीं दे रही तो इसकी जरूरत नहीं है, लेकिन यह सबसे आम और बड़ी स्किनकेयर गलतियों में से एक है. स्किन एक्सपर्ट के अनुसार, बादलों के बावजूद लगभग 80% तक यूवी किरणें त्वचा तक पहुंच सकती हैं. ऐसे में अगर आप सनस्क्रीन नहीं लगाते हैं, तो त्वचा पर टैनिंग, पिगमेंटेशन और समय से पहले एजिंग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसलिए मानसून में भी बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना उतना ही जरूरी है, जितना गर्मियों के दिनों में होता है.

उमस में मॉइस्चराइजर लगाना छोड़ देना

बारिश के मौसम में हवा में नमी ज्यादा होने के कारण कई लोग मॉइस्चराइजर लगाना बंद कर देते हैं. उन्हें लगता है कि त्वचा पहले से ही नम है, इसलिए इसकी जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है. जब त्वचा को पर्याप्त नमी नहीं मिलती, तो वह खुद को बचाने के लिए ज्यादा तेल बनाने लगती है. इससे चेहरा और अधिक चिपचिपा व ऑयली नजर आ सकता है. इसलिए मॉनसून में भी अपनी स्किन टाइप के अनुसार हल्का और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं.

बार-बार चेहरा धोना

उमस और पसीने की वजह से कई लोग दिनभर में कई बार फेसवॉश का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, अतिरिक्त तेल और गंदगी हटाना जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा चेहरा धोने से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर हो सकती है. ऐसा होने पर त्वचा और ज्यादा तेल बनाना शुरू कर देती है, जिससे पिंपल्स और बंद रोमछिद्रों की समस्या बढ़ सकती है. बेहतर होगा कि आप दिन में सिर्फ दो बार हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करें. अगर बीच दिन में चेहरा ऑयली महसूस हो, तो ब्लॉटिंग पेपर का इस्तेमाल करें या सिर्फ साधारण पानी से चेहरा धो लें.

एक साथ कई स्किन केयर प्रोडक्ट्स ट्राई करना

मानसून में पिंपल्स या स्किन संबंधी समस्याएं बढ़ने पर कई लोग अलग-अलग एक्सफोलिएंट, एक्ने ट्रीटमेंट या घरेलू नुस्खे आजमाने लगते हैं, लेकिन बहुत सारे प्रोडक्ट्स एक साथ इस्तेमाल करने से त्वचा को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है. इससे स्किन बैरियर कमजोर पड़ सकता है, जिसके कारण लालिमा, जलन और संवेदनशीलता जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

स्किन एक्सपर्ट डॉ. सोनिया गुप्ता के अनुसार, मानसून में स्किनकेयर को अच्छा रखना बेहतर होता है. इसके लिए एक सौम्य क्लींजर, मॉइस्चराइजर, सनस्क्रीन और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दिए गए ट्रीटमेंट प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें. अगर बार-बार पिंपल्स, फंगल इन्फेक्शन या त्वचा पर रैशेज की समस्या हो रही है, तो खुद इलाज करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा सही रहेगा.

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