Perfume Side Effects: खुद को अच्छा महकाने के लिए लोग तरह के परफ्यूम और इत्र का इस्तेमाल करते हैं. ऐसा करना आपके कांफिडेंस को भी बढ़ाता है. परफ्यूम और इत्र की महक देर तक रहे इसके लिए कई बार लोग इसे गर्दन और कलाई के आसपास लगाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खुद को ज्यादा महकाने के लिए उठाया गया ये कदम आपके लिए कितना हानिकारक साबित हो सकता है. तो चलिए जानते हैं कि गर्दन पर परफ्यूम लगाने से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं. इसके साथ ही इत्र लगाने का सही तरीका.
इस बात में कोई शक नहीं है कि अच्छा महकना हमारी पर्सनैलिटी और कांफिडेंट को बढ़ाता है. लेकिन अगर आप इसे गलत तरीके से यूज करते हैं तो ये हमारे लिए नुकसानदायक हो सकता है. खासकर जब आप इसे गर्दन के पास लगाते हैं. लंबे समय तक इसे गर्दन पर इसे लगाने से सांस से जुड़ी दिक्कतें, स्किन रिलेटेड परेशानी यहां तक की हार्मोनल सिस्टम पर भी असर डाल सकती है. इतना ही नहीं ये आपके माइग्रेन की समस्या को भी बढ़ा सकती है.

गर्दन पर परफ्यूम लगाने के नुकसान
आपको बता दें गर्दन के पास की स्किन फेस की स्किन से भी ज्यादा सेंसटिव होती है, यहां ब्लड वेसल्स और नर्व्स सतह के करीब होती हैं. इस एरिया पर सबसे ज्यादा पसीना और हीट होती है और जब आप इस जगह पर सीधे इत्र या परफ्यूम लगाते हैं तो इसमें मौजूद केमिकल्स का असर शरीर पर तेजी से होता है. इस जगह पर परफ्यूम लगाने से नाक भी सेंसेटिव हो सकती है और कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं.
गर्दन पर परफ्यूम लगाने से दिक्कतें
परफ्यूम को जब आप गर्दन पर लगाते हैं तो ये सीधा नाक से होता हुआ शरीर में जाता है. इसकी वजह से सांस में जलन, सांस फूलना,सिरदर्द या माइग्रेन ट्रिगर के साथ ही एलर्जी या अस्थमा का खतरा भी बढ़ सकता है. कई बार इस वजह से कुछ लोगों को मतली और चक्कर आना जैसी समस्याएं भी हो सकती है. जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या सेंसिटिव नोज है, उनके लिए ऐसा करना सबसे ज्यादा हानिकारक हो सकता है.
स्किन पर परफ्यूम का असर
परफ्यूम में अल्कोहल पाया जाता है. इसके साथ ही इसमें सिथेंटिक फ्रेगरेंस के साथ कुछ प्रिजर्वेटिव्स भी होते हैं. ऐसे में जब आप गर्दन के पास वाली स्किन पर इसे लगाते हैं तो स्किन में रैशेज, खुजली या जलन, डार्क पैचेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसकी वजह से समय से पहले झुर्रियां हो सकती हैं. इसके साथ ही जब ये स्किन धूप के संपर्क में आती हैं तो स्किन पिग्मेंटेशन भी बढ़ सकता है. और क्योंकि गर्दन की स्किन पतली ही है इससे तुरंत असर देखने के मिलता है.
परफ्यूम बनाने के लिए कई सारे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है. जिसमें कुछ केमिकल्स जैसे Phthalates, Synthetic musk ये Endocrine Disruptors माने जाते हैं. इनकी वजह से थायरॉइड और रिप्रोडक्टिव हार्मोन्स पर भी असर पड़ सकता है. जिसकी वजह से महिलाओं और पुरुषों में फर्टिलिटी से जुड़े लक्षण भी हो सकते हैं.
परफ्यूम से माइग्रेन क्यों बढ़ाता है?
परफ्यूम में तेज सिंथेटिक खुशबू और केमिकल्स होते हैं जो नाक पर जाकर के हमारी नसों को उत्तेजित करते हैं, जिस वजह से दिमाग में माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है. ये हमारी सांस के जरिए मस्तिष्क पर जाते हैं जिससे सिरदर्द, मतली, रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता बढ़ा देते हैं.
क्या हर परफ्यूम खतरनाक होता है?
आपको बता दें कि हर परफ्यूम खराब नहीं होता है. कई बार परफ्यूम की क्वालिटी, उसमें किस तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल किया गया है इसका भी असर इसकी क्वालिटी पर पड़ता है. Natural / Essential oil based fragrances ज्यादा सेफ होते हैं.
परफ्यूम लगाने का सही तरीका क्या है
- परफ्यूम या इत्र को कपड़ों पर डालें.
- परफ्यूम को कान के पीछे नहीं, बल्कि कॉलर पर लगाएं.
- परफ्यूम को कलाई पर लगाकर रगड़ें नहीं.
- परफ्यूम डालते समय शरीर से 6–8 इंच दूर से स्प्रे करें.
- ज्यादा मात्रा में डालने से बचें.
- सीधे गर्दन, छाती या चेहरे पर स्प्रे न करें.
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
- प्रेगनेंट महिलाएं
- छोटे बच्चे
- अस्थमा या एलर्जी वाले
- हार्मोनल डिसऑर्डर से जूझ रहे लोग
- इनके लिए फ्रेगरेंस-फ्री या लो-सेंट प्रोडक्ट्स बेहतर होते हैं.
Gurudev Sri Sri Ravi Shankar on NDTV: Stress, Anxiety, से लेकर Relationship, Spirituality तक हर बात
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं