Daily Habits For Successful Life: डेली रूटीन की छोटी-छोटी आदतें ही सफल जीवन की आधारशिला होती है, क्योंकि सफलता सिर्फ भाग्य से नहीं मिलती, बल्कि रोजाना की आदतें ही इंसान बड़ा और सफल बनाती है. 'द मोंक हू सोल्ड हिज फेरारी' के लेखक रॉबिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और बताया कि जीवन में सफल होने के लिए आवश्यक आदतें, जिसे हर किसी के लिए बहुत जरूरी है. अगर, आप भी कुछ अच्छा और बड़ा बनने का सपना देखते हैं तो रोजाना की लाइफ में इन 5 आदतों को जरूर अपनाएं.
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सुबह 5 बजे उठें और एक्सरसाइज करें
रॉबिन शर्मा का मानना है कि दुनिया के जागने से पहले आप अपनी सुबह को अपने कंट्रोल में ले लें, यह वाकई जादुई है. उनका कहना है कि सुबह 5 बजे उठकर रोजाना व्यायाम करने की आदत डाल लेनी चाहिए चाहे वह दौड़ना हो, योग करना हो या वेट लिफ्टिंग आदि हो, इससे एंडोर्फिन का लेवल बढ़ता है, कंसंट्रेशन तेज होता है और दिनचर्या में एक अटूट गति आ जाती है. जल्दी उठने वालों में कोर्टिसोल का लेवल कम होता है और मस्तिष्क की क्षमता बढ़ाने के लिए बीडीएनएफ का लेवल अधिक होता है.
रोज एक घंटा पढ़ेंरॉबिन शर्मा के मुताबिक, प्रतिदिन कम से कम एक घंटा पढ़ना चाहिए. इससे सोचने का तरीका बदल सकता है, रचनात्मकता जागृत हो सकती है और शब्दावली बढ़ सकती है. पढ़ने से तनाव कम होता है और संज्ञानात्मक क्षमता में सुधार होता है.
जो चीजें आपके कंट्रोल से बाहर हैं, उनके बारे में चिंता न करेंचिंता करने से एनर्जी और समय दोनों बर्बाद होते हैं. इसके बजाय अपनी एनर्जी अपने कार्यों और दृष्टिकोण पर केंद्रित करें. जब चीजें आपके कंट्रोल से बाहर हो जाएं, तो उन्हें स्वीकार करें और उसके अनुसार ढल जाएं. ज्यादा अत्यधिक तनाव महसूस कर रहे हैं, तो ध्यान और डायरी लेखन जैसी तनाव कम करने वाली गतिविधियों का अभ्यास करें, जो न केवल आपके मन को शांत करेंगी, बल्कि आपके विचारों में स्पष्टता भी लाएंगी.
हफ्ते एक दिन बिना फोन के बिताएंडिजिटल डिटॉक्स दिवस = आत्मा का पुनर्जीवन. रॉबिन शर्मा का कहना है कि सप्ताह में कम से कम एक दिन फोन के बिना बिताना चाहिए और उस समय का उपयोग परिवार, प्रकृति या अपने शौक के साथ करना चाहिए. डिजिटल कनेक्टिविटी और फोन नोटिफिकेशन चुपचाप मन की शांति छीन लेते हैं; जबकि मौन शांति प्रदान करता है.
अपने जानने वालों में सबसे दयालु व्यक्ति बनेंदयालुता कमजोरी नहीं है, यह नेतृत्व का गुण हैं. दयालुता के छोटे-छोटे कार्य, जैसे किसी के लिए दरवाजा खोलना, ध्यान से सुनना या दूसरों की मदद करना आदि गहरा प्रभाव डालते हैं. इनसे ऑक्सीटोसिन हार्मोन निकलता है, जिससे खुशी का एहसास होता है. इसलिए हर दिन कम से कम दयालुता का एक छोटा सा कार्य करने का अभ्यास अवश्य करें.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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