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बच्चे को जिद्दी बना सकती हैं माता-पिता की ये 2 आदतें, Parenting Expert ने बताया 90% पेरेंट्स करते हैं गलती

पेरेंटिंग एक्सपर्ट और साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर मीमांसा कश्यप कहती हैं, अगर आप अपने बच्चे के साथ 2 गलतियां कर रहे हैं, तो इन्हें आज से ही बंद कर दें. ये बच्चे में जिद की आदत को बढ़ा सकती हैं. आइए जानते हैं इन गलतियों के बारे में-

बच्चे को जिद्दी बना सकती हैं माता-पिता की ये 2 आदतें, Parenting Expert ने बताया 90% पेरेंट्स करते हैं गलती
बच्चे को जिद्दी बनाती हैं आपकी ये आदतें
(Photo Credit: Freepik)

बच्चों का जिद करना आम बात है. लेकिन कई बार अनजाने में माता-पिता ही ऐसी गलतियां कर जाते हैं, जिससे उनका बच्चा ज्यादा जिद्दी हो जाता है. पेरेंटिंग एक्सपर्ट और साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर मीमांसा कश्यप ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने 2 ऐसी ही गलतियों के बारे में बारे में बताया है. मीमांसा कहती हैं, अगर आप अपने बच्चे के साथ ये गलतियां कर रहे हैं, तो इन्हें आज से ही बंद कर दें. ये बच्चे में जिद की आदत को बढ़ा सकती हैं. आइए जानते हैं इन गलतियों के बारे में- 

नंबर 1- रोने पर बात मान लेना

डॉक्टर मीमांसा कहती हैं, पहली गलती तब होती है जब माता-पिता बच्चे के रोने पर उसकी बात मान जाते हैं. आसान भाषा में समझें, तो अगर आपका बच्चा आपसे कोई चीज मांगता है. आप उसे वो चीज देने के लिए मना कर देते हैं. इसपर बच्चा रोने लगता है, चिल्लाता है या जमीन पर लेटकर जिद करने लगता है. बच्चे का रोना बंद कराने के लिए आप बाद में उसे वो चीज लाकर दे देते हैं. आपको ये बात भले ही मामूली लग सकती है, लेकिन इसका आपके बच्चे पर बहुत गलत असर पड़ता है.

ऐसा होने पर बच्चे के दिमाग में बैठ जाता है कि रोने या चिल्लाने से उसकी हर बात मान ली जाएगी. ऐसे में अगली बार बच्चा और ज्यादा जिद करने लगता है, ज्यादा रोता और चिल्लाता है. बच्चे को लगता है ऐसा करने से आखिर में मम्मी-पापा उसकी बात मान ही जाएंगे. इसलिए बच्चे की बात को समझें, लेकिन रोने पर उसकी हर जिद को पूरा न करें. अगर बच्चा रो रहा है, तो उसे प्यार से चीजों को समझाने की कोशिश करें. 

नंबर 2- हर काम के बदले बच्चे को उसकी पसंद की चीज देना

साइकोलॉजिस्ट आगे कहती हैं, कई बार माता-पिता बच्चे से कोई काम करवाने के लिए बदले उसे कोई चीज देने का वादा कर देते हैं. जैसे- अगर बच्चा कोई हेल्दी चीज नहीं खा रहा है, तो पेरेंट्स कहने लगते हैं, 'अभी तुम फल खा लो, इसके बदले तुम्हें फिर मिल्कशेक या चॉकलेट खाने के लिए दी जाएगी.' एक्सपर्ट कहती हैं, पेरेंट्स का ऐसा करने भी ठीक नहीं है. इससे बच्चे को लग सकता है कि घर में हर चीज उसकी मर्जी से होगी या वह हर काम के बदले अपनी पसंद की चीज मांग सकता है. 

तो क्या करना है सही?

एक्सपर्ट कहती हैं, अपने बच्चे की बात को सुनना और उसकी भावनाओं को समझना बहुत जरूरी है. लेकिन इसके साथ बच्चे के लिए कुछ नियम भी बनाएं और इन नियमों पर कायम रहें. अगर बच्चे के लिए कोई चीज सही नहीं है, तो उसके रोने या जिद करने पर अपने बनाएं रूल्स को टोड़ें नहीं. इससे अलग उसे समझाएं कि आप क्यों वह चीज बच्चे को देने से मना कर रहे हैं. आप चाहें तो अपने बच्चे को ऑप्शन्स दे सकते हैं, जैसे 'तुम पहले खाना खाओगे या फल?'

साइकोलॉजिस्ट बताती हैं, ऐसा करने से बच्चे को लगेगा कि उसकी पसंद भी मायने रखती है. इससे बच्चा खुश भी रहेगा और आपकी बातों को भी मानेगा. 

इस तरह घर में क्लियर रूल्स बनाकर और छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर आप अपने बच्चे की अच्छी परपरिश कर सकते हैं और बच्चे को जिद्दी बनने से रोक सकते हैं. 

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