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नाखून चबाना और काम को टालने की आदत क्यों होती है? एक्सपर्ट से जानिए हम क्यों करते हैं टालमटोल

मनोवैज्ञानिक डॉ. चार्ली हेरियट मैटलैंड ने अपनी नई किताब "मानसिक स्वास्थ्य में नियंत्रित विस्फोट" में कहा है कि ये आत्म-विनाशकारी व्यवहार उतने समस्या ग्रस्त नहीं हो सकते जितना आप सोचते हैं.

नाखून चबाना और काम को टालने की आदत क्यों होती है? एक्सपर्ट से जानिए हम क्यों करते हैं टालमटोल
नाखून चबाने की आदत क्यों होती है?
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Nail Biting: कभी न कभी हम खुद से ये सवाल जरूर करते हैं कि मैं अपने साथ ऐसा क्यों करता रहता हूं? चाहे वह किसी जरूरी डेडलाइन को टालना हो, नाखून चबाते-चबाते खून निकलना हो या लोगों द्वारा अस्वीकार किए जाने से पहले ही उनसे दूर चले जाना हो. अक्सर ऐसा होता है कि हम जो सोचते हैं वह नकारात्मक ही होता है. ​​मनोवैज्ञानिक डॉ. चार्ली हेरियट मैटलैंड ने अपनी नई किताब "मानसिक स्वास्थ्य में नियंत्रित विस्फोट" में कहा है कि ये आत्म-विनाशकारी व्यवहार उतने समस्या ग्रस्त नहीं हो सकते जितना आप सोचते हैं. वास्तव में ये व्यवहार जीवित रहने की सहज प्रवृत्ति से जुड़े होते हैं.

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क्या होता है नुकसान

नए मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, त्वचा नोचने से लेकर लोगों से संपर्क तोड़ देने जैसे आत्म-हानिकारक और आत्म-विनाशकारी व्यवहार अस्तित्व तंत्र से उत्पन्न होते हैं. अपनी नई पुस्तक में मनोवैज्ञानिक हानिकारक व्यवहारों के पीछे की आवश्यकताओं का पता लगाते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि हालांकि ये व्यवहार विरोधाभासी लग सकते हैं, मस्तिष्क इन छोटे-मोटे नुकसानों को आगे के नुकसान से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में उपयोग करता है. उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति किसी प्रोजेक्ट को शुरू करने में देरी कर सकता है, जिससे उसे नुकसान होता है, लेकिन वह विफलता या अस्वीकृति जैसे बड़े नुकसान से बचने की कोशिश कर रहा होता है.

डॉ. चार्ली हेरियट-मैटलैंड के मुताबिक, स्व-सबोटेज हमारे मस्तिष्क का एक तरीका है, जो हमें नुकसान से बचाने के लिए है. यह एक प्राचीन तंत्र है जो हमें अनिश्चितता और खतरे से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है.

स्व-सबोटेज के कारण

स्व-सबोटेज के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं. जैसे असफलता का डर हमें लगता है कि अगर हम कोशिश नहीं करेंगे, तो हम असफल नहीं होंगे. हमें नहीं पता कि आगे क्या होगा, इसलिए हम कुछ नहीं करते हैं? हमें लगता है कि अगर हम अपने आप को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हम कंट्रोल में रहेंगे.

स्व-सबोटेज को कैसे रोकें?

स्व-सबोटेज को रोकने के लिए हमें अपने मस्तिष्क को समझना होगा और उसके तंत्र को बदलना होगा. अपने विचारों और भावनाओं को समझें, नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों से बदलें और बड़े लक्ष्यों को छोटे लक्ष्यों में बांटें और उन्हें प्राप्त करने के लिए काम करें.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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