
दूध
नई दिल्ली:
अकसर घरों में में बड़े-बूढे रोज कम से कम एक गिलास दूध पीने की सलाह देते हैं. जिन घरों में छोटे बच्चे होते हैं वहां तो दूध को लेकर दिन में में तीन बार रोज महाभारत होती है. बच्चा दूध नहीं पीना चाहता लेकिन मां उसके पीछे पड़ी रहती है. छोटे बच्चों का मुख्य आहार दूध ही होता है. वो खाना भले ही न खाएं लेकिन दूध पीना उनके लिए बेहद जरूरी है. इसके पीछे तर्क यह दिया जाता है कि दूध कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत है. यही नहीं ऐसा भी कहा जाता है कि दूध में मौजूद पोषक तत्व बच्चों की सही ग्रोथ के लिए सबसे कारगर हैं. लेकिन साइंस इन तर्कों को नहीं मानता. आज हम आपको दूध से जुड़े ऐसे ही पांच झूठ के बारे में बताएंगे जिन्हें अब तक आप सच मानते आए हैं:
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झूठ नंबर 1 : दूध से हड्डियां मजबूत होती हैं
हड्डियों की मजबूती का सीध संबंध दूध से जोड़ा जाता है. कहा जाता है कि दूध पीने से ही शरीर को कैल्श्यिम मिलता है जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं. इसी को लेकर हावर्ड में 72 हजार महिलाओं पर लगभग 20 सालों तक एक रिसर्च की गई. इस रिसर्च में एक भी ऐसा सबूत नहीं मिलता जिससे कि ये साबित हो सके कि दूध हड्डियों को मजबूत बनाता है. 96 हजार लोगों पर की गई एक दूसरी स्टडी में पता चला कि टीनएज में पुरुष जितना ज्यादा दूध पीते हैं, वयस्क होने पर हड्डियों के फ्रैक्चर होने की आशंका उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है. इसी तरह एक अन्य रिसर्च से पता चलता है कि टीनएज लड़कियां डेरी प्रोडक्ट के रूप में जो कैल्शियम लेती हैं उनमें स्ट्रेस फ्रैक्चर होने का खतरा कम कैल्श्यिम लेने वाली लड़कियों की तुलना में बहुत ज्यादा होता है.
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झूठ नंबर 2: वजन घटाने में मददगार है दूध
अकसर विज्ञापनों में दावा किया जाता है कि दूध पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है. लेकिन स्टडी के मुताबिक वजन घटाने में दूध कोई योगदान नहीं देता. वही एक स्टडी में तो यहां तक कहा गया है कि दूध पीने से वजन घटने के बजाए बढ़ जाता है.
झूठ नंबर 3: पर्फेक्ट नैचुरल फूड है दूध
गाय का दूध उसके बढ़ते बछड़े के लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद है, लेकिन इंसानों के मामले में ऐसा नहीं है. ज्यादातर लोगों का शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज़ को पचा नहीं पाता जिससे पेट में दर्द, डायरिया और उल्टी जैसी दिक्कतें सामने आती हैं.
क्यों कुछ लोगों को दूध नहीं पचता?
झूठ नंबर 4: बच्चों की हेल्थ के लिए जरूरी है दूध
बच्चों को दो साल की उम्र तक ब्रेस्ट मिल्क और फॉर्मूला ही देना चाहिए. इसके बाद उन्हें किसी भी तरह के दूध की कोई जरूरत नहीं. लगातार दूध पीने से बच्चों को अकसर पेट दर्द की शिकायत रहती है और उनमें टाइप 1 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है.
झूठ नंबर 5: दिल को सेहतमंद रखता है दूध
अमेरिकन डाइट में दूध और डेयरी प्रोडक्ट हार्ट आर्टरी यानी कि दिल की धमनियों के जमाव का सबसे बड़ा स्रोर्स है. मिल्क प्रोडक्ट्स में कॉलेस्ट्रोल भी होता है. फैट, सैचुरेटेड फैट, और कॉलेस्ट्रोल युक्त डाइट दिल संबंधी बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती है.
दूध के विकल्प
अब सवाल यह उठता है कि अगर जानवरों का दूध इंसान के शरीर के लिए फायदेमंद नहीं है तो कैल्श्यिम कहां से मिलेगा? हड्डियों की मजबूती और शरीर के विकास के लिए कैल्श्यिम लेना भी जरूरी है. ऐसे में कैल्श्यिम युक्त ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो दूध का अच्छा विकल्प हो सकती हैं. इन विकल्पों में शामिल हैं ओट्स मिल्क, आलमंड यानी कि बादाम मिल्क, हेम्प मिल्क, सोया मिल्क और राइस मिल्क.
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झूठ नंबर 1 : दूध से हड्डियां मजबूत होती हैं
हड्डियों की मजबूती का सीध संबंध दूध से जोड़ा जाता है. कहा जाता है कि दूध पीने से ही शरीर को कैल्श्यिम मिलता है जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं. इसी को लेकर हावर्ड में 72 हजार महिलाओं पर लगभग 20 सालों तक एक रिसर्च की गई. इस रिसर्च में एक भी ऐसा सबूत नहीं मिलता जिससे कि ये साबित हो सके कि दूध हड्डियों को मजबूत बनाता है. 96 हजार लोगों पर की गई एक दूसरी स्टडी में पता चला कि टीनएज में पुरुष जितना ज्यादा दूध पीते हैं, वयस्क होने पर हड्डियों के फ्रैक्चर होने की आशंका उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है. इसी तरह एक अन्य रिसर्च से पता चलता है कि टीनएज लड़कियां डेरी प्रोडक्ट के रूप में जो कैल्शियम लेती हैं उनमें स्ट्रेस फ्रैक्चर होने का खतरा कम कैल्श्यिम लेने वाली लड़कियों की तुलना में बहुत ज्यादा होता है.
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झूठ नंबर 2: वजन घटाने में मददगार है दूध
अकसर विज्ञापनों में दावा किया जाता है कि दूध पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है. लेकिन स्टडी के मुताबिक वजन घटाने में दूध कोई योगदान नहीं देता. वही एक स्टडी में तो यहां तक कहा गया है कि दूध पीने से वजन घटने के बजाए बढ़ जाता है.
झूठ नंबर 3: पर्फेक्ट नैचुरल फूड है दूध
गाय का दूध उसके बढ़ते बछड़े के लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद है, लेकिन इंसानों के मामले में ऐसा नहीं है. ज्यादातर लोगों का शरीर दूध में मौजूद लैक्टोज़ को पचा नहीं पाता जिससे पेट में दर्द, डायरिया और उल्टी जैसी दिक्कतें सामने आती हैं.
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झूठ नंबर 4: बच्चों की हेल्थ के लिए जरूरी है दूध
बच्चों को दो साल की उम्र तक ब्रेस्ट मिल्क और फॉर्मूला ही देना चाहिए. इसके बाद उन्हें किसी भी तरह के दूध की कोई जरूरत नहीं. लगातार दूध पीने से बच्चों को अकसर पेट दर्द की शिकायत रहती है और उनमें टाइप 1 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है.
झूठ नंबर 5: दिल को सेहतमंद रखता है दूध
अमेरिकन डाइट में दूध और डेयरी प्रोडक्ट हार्ट आर्टरी यानी कि दिल की धमनियों के जमाव का सबसे बड़ा स्रोर्स है. मिल्क प्रोडक्ट्स में कॉलेस्ट्रोल भी होता है. फैट, सैचुरेटेड फैट, और कॉलेस्ट्रोल युक्त डाइट दिल संबंधी बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती है.
दूध के विकल्प
अब सवाल यह उठता है कि अगर जानवरों का दूध इंसान के शरीर के लिए फायदेमंद नहीं है तो कैल्श्यिम कहां से मिलेगा? हड्डियों की मजबूती और शरीर के विकास के लिए कैल्श्यिम लेना भी जरूरी है. ऐसे में कैल्श्यिम युक्त ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो दूध का अच्छा विकल्प हो सकती हैं. इन विकल्पों में शामिल हैं ओट्स मिल्क, आलमंड यानी कि बादाम मिल्क, हेम्प मिल्क, सोया मिल्क और राइस मिल्क.
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