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पौधों को मिनटों में चट कर सकते हैं कैटरपिलर, इन्हें दूर रखने के लिए अपनाएं उपाय, जानें इल्ली के काटने से क्या होता है

कैटरपिलर, सूंड़ी या कमला कीट पौधों की पत्तियां बहुत तेजी चट कर जाते हैं. यह पौधों की पत्तियों में छोटे-छोटे छेद और जालीदार बना देते हैं. यहां जानिए इल्ली को बगीचे और घर से दूर रखने के उपाय.

पौधों को मिनटों में चट कर सकते हैं कैटरपिलर, इन्हें दूर रखने के लिए अपनाएं उपाय, जानें इल्ली के काटने से क्या होता है
इल्ली को कैसे भगाएं?

कैटरपिलर यानी इल्ली दिखने में भले ही छोटे और साधारण लगते हों, लेकिन ये आपके बगीचे के पौधों को बहुत तेजी से नुकसान पहुंचा सकते हैं. कैटरपिलर पौधों की पत्तियां बहुत तेजी चट कर जाते हैं. अगर, आपके पौधों की पत्तियों में अचानक छोटे-छोटे छेद दिखने लगें और वे रातों-रात जाली जैसी नजर आने लगें, तो कैटरपिलर यानी कमला कीट ने हमला कर दिया है. गर्मियों के अंत और शुरुआती शरद ऋतु का समय कई कैटरपिलर प्रजातियों के प्रजनन का मौसम होता है. इस दौरान पतंगे बड़ी संख्या में अंडे देते हैं और उनसे निकलने वाले लार्वा तेजी से पत्तियों को खाना शुरू कर देते हैं. चलिए आपको बताते हैं कैटरपिलर, इल्ली, सूंड़ी या कमला कीट को दूर रखने के उपाय और कैटरपिलर के काटने से क्या होता है?

कैटरपिलर को हाथ से हटाएं

यह तरीका सुनने में भले ही साधारण लगे, लेकिन कैटरपिलर को कंट्रोल करने के सबसे असरदार और बिना केमिकल वाले उपायों में से एक है. पौधों की पत्तियों, खासकर उनकी निचली सतह को नियमित रूप से देखें, क्योंकि दिन के समय कैटरपिलर अक्सर वहीं छिपे रहते हैं, जो भी कैटरपिलर दिखाई दें, उन्हें हाथ से हटाकर साबुन मिले गर्म पानी की बाल्टी में डाल दें. यह तरीका थोड़ा समय जरूर लेता है, लेकिन इससे आपके बगीचे के दूसरे कीड़े-मकोड़े और पौधे सेफ रहते हैं. छोटे बगीचों के लिए यह उपाय काफी कारगर माना जाता है.

पौधों को जाली या नेट से ढकें

कैटरपिलर यानी इल्ली से बचाव के लिए पहले से सावधानी बरतना सबसे अच्छा तरीका है. जिन पौधों पर कमला कीट का हमला होने की संभावना ज्यादा हो, उन्हें हल्की जाली या नेट से ढक दें. इससे धूप और हवा तो आसानी से पहुंचती रहेगी, लेकिन पतंगे पौधों पर बैठकर अंडे नहीं दे पाएंगे.

तेज खुशबू वाली जड़ी-बूटियां लगाएं

कुछ जड़ी-बूटियां अपनी तेज खुशबू की वजह से पतंगों और अन्य कीटों को पौधों से दूर रखने में मदद कर सकती हैं. थाइम, ओरेगैनो, पुदीना और हायसॉप जैसी जड़ी-बूटियां ऐसे कीड़ों को अंडे देने से रोक सकती हैं. इन्हें सब्जियों या अन्य पौधों के आसपास लगाना फायदेमंद हो सकता है.

जरूरत पड़ने पर Bt का इस्तेमाल करें

अगर कैटरपिलर यानी सूंड़ी की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है और हाथ से हटाना पर्याप्त नहीं लग रहा, तो आप बैसिलस थुरिंजिएन्सिस (Bt) का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह मिट्टी में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक बैक्टीरिया है, जिसका उपयोग ऑर्गेनिक कीटनाशक के रूप में किया जाता है. यह खासतौर पर कैटरपिलर को कंट्रोल करने में मदद करता है.

घोंसलों को तुरंत हटाएं

इल्ली, सूंड़ी या कमला कीट पेड़ों और पौधों की शाखाओं पर जाल जैसी रेशमी संरचनाएं बना लेते हैं. अगर इन्हें समय रहते हटा दिया जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. जैसे ही आपको ऐसा कोई घोंसला दिखाई दे, एक लंबी लकड़ी या झाड़ू की मदद से उसे तोड़ दें और उसमें मौजूद कैटरपिलर को साबुन मिले पानी में डाल दें.

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