आज डिजिटल दौर में बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन से दूर रखना किसी चुनौती से कम नहीं है. बच्चों को हर समय फोन चाहिए. बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने बताया कि उनके बेटे तैमूर और जेह के पास अपना कोई फोन नहीं है और वह उनके स्क्रीन टाइम पर कड़ी नजर रखती हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर वह काफी सख्त हैं और कई बार उन्हें फोन छीनना भी पड़ता है, क्योंकि वह नहीं चाहतीं कि कम उम्र में उनकी स्क्रीन की आदत बढ़े.
द इंडियन एक्सप्रेस के 16वें एक्सप्रेसो कार्यक्रम में बातचीत के दौरान करीना ने कहा कि तैमूर अक्सर अपनी नैनी का फोन इस्तेमाल करते हैं और उसे अपना फोन बताते हैं. इस पर वह उन्हें समझाती हैं कि वह उनका फोन नहीं, बल्कि नैनी का फोन है. उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर वह काफी सतर्क रहती हैं और जरूरत पड़ने पर फोन उनसे ले लेती हैं.
पैरेंटिंग पर करीना कपूर का खुलासा
करीना कपूर ने बताया कि जब वह अपने बेटों तैमूर और जेह को स्क्रीन टाइम कम करने के लिए कहती हैं, तो तैमूर उन्हें याद दिलाते हैं कि मम्मी और अब्बा यानी सैफ अली खान भी तो फोन का इस्तेमाल करते हैं. करीना ने कहा, "मैं बच्चों और डिजिटल चीजों को लेकर काफी सख्त रहती हूं, लेकिन तैमूर मुझसे कहते हैं, 'आप और अब्बा भी तो फोन पर बात करते हैं". उन्होंने यह भी बताया कि जब बच्चे पूरे दिन गेम खेलने लगते हैं, तो कई बार उन्हें उनके हाथों से फोन छीनना पड़ता है. करीना के मुताबिक, वह बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर काफी सतर्क रहती हैं और नहीं चाहतीं कि वे जरूरत से ज्यादा समय मोबाइल पर बिताएं.
करीना ने पैरेंटिंग को लेकर अपनी और सैफ अली खान की सोच का अंतर भी शेयर किया. उन्होंने बताया कि जहां वह बच्चों के स्क्रीन टाइम और दूसरी बातों को लेकर जल्दी चिंता करने लगती हैं, वहीं सैफ का रवैया थोड़ा शांत और रिलैक्स रहता है. सैफ अक्सर उन्हें कहते हैं कि हर बात को लेकर इतनी ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है.
करीना कपूर ने बताया कि बच्चों की परवरिश को लेकर उनकी और सैफ अली खान की सोच कई बार अलग होती है. उनके मुताबिक, सैफ को लगता है कि वह बच्चों के मामले में जरूरत से ज्यादा चिंता करती हैं, लेकिन करीना का मानना है कि इस विषय पर सतर्क रहना जरूरी है. करीना ने कहा, "सैफ को लगता है कि मैं बहुत ज्यादा परेशान रहती हूं और मुझे थोड़ा रिलैक्स होना चाहिए, लेकिन मैं उनसे कहती हूं कि इस मामले में मेरा सतर्क रहना जरूरी है". उन्होंने यह भी बताया कि पैरेंटिंग को लेकर दोनों के बीच सबसे ज्यादा बहस बच्चों के स्क्रीन टाइम और डिजिटल इस्तेमाल को लेकर ही होती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं