Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव देशभर में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भक्ति, प्रेम और आस्था का सबसे पावन पर्व है. जब भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आती है, तो हर गली, हर घर और हर मंदिर में 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' गूंजने लगता है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 के पावन अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के अलग-अलग राज्यों में भव्य जन्माष्टमी मेलों की शुरुआत हो चुकी है. इस साल जन्माष्टमी का मुख्य पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जा रहा है, जिसके चलते सभी प्रमुख शहरों के मैदान और मंदिर रोशनी और झूलों से सज चुके हैं. यहां जानिए दिल्ली, यूपी, बिहार और अन्य राज्य कहां-कहां जन्माष्टमी मेला लगा है.
दिल्ली-NCR जन्माष्टमी मेला
पश्चिम विहार जन्माष्टमी मेला (WOW कार्निवल)- यह दिल्ली के सबसे लोकप्रिय मेलों में से एक है. रेडिसन ब्लू होटल के पास DDA ग्राउंड में लगे इस मेले में लंदन स्ट्रीट थीम, भव्य सजावट, 20 से ज्यादा खतरनाक राइड्स, और फूड स्टॉल्स मौजूद हैं. यहां टिकट 50 रुपये है और नजदीकी मेट्रो स्टेशन पीरागढ़ी है.
पंजाबी बाग जन्माष्टमी मेला- रिंग रोड स्थित जन्माष्टमी पार्क में लगने वाला यह दिल्ली का बेहद पुराना और पारंपरिक मेला है. यहां डिजिटल झांकियां, कृष्ण लीला और कई बड़े झूले देखने को मिलते हैं. यहां एंट्री बिल्कुल मुफ्त है और नजदीकी मेट्रो स्टेशन पंजाबी बाग वेस्ट है.
द्वारका सेक्टर-11 और सेक्टर-10 मेला- द्वारका सेक्टर-10 के DDA ग्राउंड में भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन हो रहा है, जहां AI कृष्ण, होलोग्राम और लाइव भजन का अनुभव मिलेगा. वहीं सेक्टर-11 में दुबई और लंदन थीम कार्निवल लगा है.
आईपी एक्सटेंशन मेला (पूर्वी दिल्ली)- पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार और पटपड़गंज के पास रहने वाले लोगों के लिए आईपी एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन के पास DDA ग्राउंड में प्रथम श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव चल रहा है, जो 5 सितंबर तक रहेगा.
कड़कड़डूमा मेला (CBD ग्राउंड)- शाहदरा के यूनिटी वन मॉल के पास CBD ग्राउंड में भी भव्य मेला लगा हुआ है जो 9 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा.
उत्तर प्रदेश में जन्माष्टमी मेला
मथुरा-वृंदावन- कृष्ण जन्मभूमि मंदिर और बांके बिहारी मंदिर के आसपास पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है और जगह-जगह लोक नृत्य व सांस्कृतिक मेलों का आयोजन हो रहा है.
कौशांबी (बजहां मंदिर)- जिले के प्रसिद्ध 51 साल पुराने बजहां मंदिर परिसर में जन्माष्टमी के अवसर पर एक विशाल पारंपरिक ग्रामीण मेले की शुरुआत हुई है, जहां विशेष भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे हैं.
वाराणसी (काशी)- श्री काशी विश्वनाथ धाम और स्थानीय मंदिरों के पास भी कान्हा के जन्मोत्सव पर भव्य मेलों और झांकियों का आयोजन किया गया है.
बिहार में कृष्ण जन्माष्टमी मेला
पटना और गया- पटना के इस्कॉन मंदिर (तारामंडल के पास) और गया के ऐतिहासिक मंदिरों में श्रीकृष्ण के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जहां महा-अभिषेक के साथ-साथ मेले जैसा माहौल देखने को मिल रहा है.
दही-हांडी और मटका फोड़- बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुख्य रूप से 5 सितंबर को दही-हांडी प्रतियोगिता के साथ बड़े उत्सवों और स्थानीय मेलों का आयोजन किया जाएगा.
महाराष्ट्र (दही हांडी मेले)- यह 5 सितंबर, 2026 जन्माष्टमी के अगले दिन को मनाया जाता है. मुंबई और ठाणे जैसे शहरों में 'दही हांडी लीग' जैसे बड़े कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट्स-कार्निवल आयोजित किए जाते हैं. मशहूर हस्तियों और संगीत के बीच, इंसानी पिरामिड बनाने वाले ग्रुप लटकती हुई मक्खन की हांडियों को तोड़ने के लिए लाखों रुपये के नकद इनाम के लिए मुकाबला करते हैं.
गुजरात (द्वारका)- द्वारकाधीश मंदिर में समुद्र के किनारे एक बहुत बड़ा मेला लगता है. यहां की खास बात 'खुले पर्दे में श्रृंगार' है, जिसमें लाखों लोग भगवान को शाही पोशाक पहनाने की रस्म को बिना पर्दे के सीधे देखने के लिए लाइन में लगते हैं.
ओडिशा (पुरी)- जगन्नाथ मंदिर में लगने वाला मेला खास आदिवासी और शास्त्रीय नृत्य कार्यक्रमों के इर्द-गिर्द घूमता है, जिनमें कृष्ण लीला दिखाई जाती है. साथ ही यहां 'छप्पन भोग' मिठाइयों की खास प्रदर्शनी भी होती है.
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