मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध साल के जंगलों में एक बार फिर खतरनाक कीट का खतरा बढ़ने लगा है. डिंडोरी जिले के जंगलों में साल हार्टवुड बोरर के नए संक्रमण के संकेत मिलने से वन विभाग अलर्ट हो गया है. करंजिया और बजाग रेंज में पेड़ों के नीचे ताजा बुरादा मिलने के बाद कीट की दोबारा सक्रियता की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में वन विभाग ने नए सिरे से सर्वे कराने के आदेश दिए हैं. यह कीड़ा पेड़ों की लकड़ी को अंदर से खोखला कर सकता है.
क्या है साल हार्टवुड बोरर और क्यों है खतरनाक?
साल हार्टवुड बोरर (Hoplocerambyx spinicornis) एक ऐसा कीट है जो साल के पेड़ों की लकड़ी के अंदर सुरंग बनाकर उसे नुकसान पहुंचाता है. इसके लार्वा यानी शुरुआती अवस्था के कीड़े पेड़ के अंदरूनी हिस्से को खाते हैं. इससे पेड़ कमजोर हो सकता है और गंभीर संक्रमण की स्थिति में सूखने या गिरने का खतरा बढ़ जाता है. जंगलों में इसकी पहचान करना मुश्किल होता है क्योंकि नुकसान पेड़ के अंदर होता है. पेड़ के नीचे बारीक लकड़ी का बुरादा मिलना संक्रमण का एक संकेत हो सकता है.
कीड़ा पकड़ने पर मिलता है इनाम
साल हार्टवुड बोरर के संक्रमण को रोकने के लिए वन विभाग ग्रामीणों की मदद भी लेता है. इस कीड़े को पकड़ने पर ग्रामीीणों को प्रति कीड़ा 2 रुपये का नकद इनाम दिया जाता है. यानी अगर कोई व्यक्ति 100 कीड़े पकड़ता है तो उसे 200 रुपये और 1000 कीड़े पकड़ने पर 2000 रुपये मिल सकते हैं. कुछ जगहों पर कीीड़ों के सिर की माला बनाकर भी विभाग को सौंपने की व्यवस्था बताई जाती है. इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा कीड़ों को पकड़कर जंगलों में इनके फैलाव को रोकनाा है. हालांकि, कीड़े पकड़ने के लिए ग्रामीणों को वन विभाग के निर्देशों का पालन करनाा चाहिए.

पेड़-पौधों में कैसे पहचानें हार्टवुड बोरर का संक्रमण?
हार्टवुड बोरर का संक्रमण पहचानने के लिए पेड़ के तने और आसपास की जमीन पर नजर रखना जरूरी है. अगर पेड़ के नीचे लकड़ी का ताजा बुराादा दिखाई दे, तने पर छोटे छेद नजर आएं या लकड़ी कमजोर होने लगे तो यह कीीट के संक्रमण का संकेत हो सकता है. हालांकि, केवल बुरादा देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि पेड़ में हार्टवुड बोरर ही है. ऐसे में वन विभाग या पौधों के एक्सपर्ट से जांच कराना जरूरीी है.
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घर में दिखे लकड़ी खाने वाले कीड़े तो क्या करें
घर में लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजे या खिड़की के फ्रेम में छोटे छेद और बुरादा दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें. सबसे पहले देखें कि कीड़ा किस लकड़ी से निकल रहा है. अगरर कोई छोटा फर्नीचर संक्रमित है तो उसे दूसरे फर्नीचर से अलग रखें. लकड़ी में सीीलन न होने दें और कमरे में हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें.
क्या धूप, नीम का तेल और सिरका हैं कारगर?
एक्सपर्ट ने बताया कि छोटे फर्नीचर को धूप में रखने से नमी कम हो सकती है, लेकिन इससे लकड़ी के अंदर मौजूद सभी कीड़े और उनके अंडे खत्म हो जााएं यह जरूरी नहीं है. नीम का तेल और सफेद सिरका भी गंभीर संक्रमण का भरोसेमंद इलाज नहीं हैं. इसलिए लकड़ीी में कीड़े होने पर एक्सपर्ट से जांच कराएं. जरूरत पड़ने पर लकड़ी के लिए उपयुक्त कीटनााशक या पेशेवर ट्रीटमेंट कराया जा सकता है. बोरीक एसिड या दूसरे रसाायनों का इस्तेमाल बिना एक्सपर्ट की सलाह के न करें.
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