How to Be Positive in Toxic Office: आजकल अधिकतर लोग टॉक्सिक वर्कप्लेस के कारण मेंटल स्ट्रेस का सामना कर रहे हैं. लगातार नेगेटिव माहौल में काम करना न सिर्फ प्रोडक्टिवी को प्रभावित करता है बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल आ सकता है. साथ ही टॉक्सिक वर्कप्लेस का असर केवल इस बात तक सीमित नहीं रहता कि ऑफिस में आपका दिन कैसा बीत रहा है. अगर रोजाना ऑफिस पॉलिटिक्स, दूसरों से तुलना, लगातार काम का दबाव का सामना करना पड़े, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे आपकी नींद, कंसंट्रेशन, एनर्जी पर भी पड़ सकता है. इसी कड़ी में आज हम आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप ऑफिस के नेगेटिव माहौल में भी खुद को पॉजिटिव रख सकते हैं. इसकी जानकारी नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर नेहा पंडिता ने दी है.
1. नेगेटिव चीजों के लिए खुद को जिम्मेदार न समझें
ऑफिस के नेगेटिव माहौल में सबसे पहले ये समझना सबसे ज्यादा जरूरी है कि हर नेगेटिव चीज के लिए आप जिम्मेदार नहीं है. कई बार लोग अपने सहकर्मी के बिहेवियर या मैनेजर की नाराजगी को अपनी परफॉर्मेंस से जोड़कर देखने लगते हैं. इससे तनाव तो होता ही है साथ में आत्मविश्वास भी कम होता है. ऐसे में हर बात को पर्सनली न लें.
2. अपनी बाउंड्री तय करें
नेगेटिविटी से बचने के लिए खुद की बाउंड्री यानी पर्सनल और प्रोफेशनल सीमाएं तय करना बहुत ज्यादा जरूरी है. कई लोग ऑफिस का काम खत्म होने के बाद भी लगातार ईमेल, मैजेस या कॉल्स चेक करते रहते हैं. इससे दिमाग को आराम करने का मौका नहीं मिलता है और तनाव बढ़ने लगता है. ऐसे में कोशिश करें कि ऑफिस खत्म होने के बाद खुद के लिए समय निकालें. ऑफिस से घर जाने के बाद कुछ देर वॉक करें, परिवार के साथ बिताएं या अपना पसंदीदा गाना सुनें. साथ ही फोन और लैपटॉप से कुछ देर के लिए दूरी जरूर बनाएं.
3. हर बातचीत में शामिल न हों
ऑफिस में भी हर बातचीत में शामिल होना जरूरी नहीं है. अगर आसपास के लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं या किसी व्यक्ति के खिलाफ चर्चा कर रहे हैं, तो हर बार उसका हिस्सा बनने की जगह थोड़ा पीछे हटना बेहतर है. दूसरों की नेगेटिविटी को सुनने से आपके काम और मानसिक स्थिति पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
4. छोटा ब्रेक लें
डॉक्टर के अनुसार ऑफिस में काम के बीच छोटे ब्रेक लेना भी जरूरी है. लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहने और बिना रुके काम करने से मानसिक थकान बढ़ सकती है. ऐसे में कुछ मिनट के लिए उठकर चलना, पानी पीना, गहरी सांस लेना या दिमाग को रिसेट करने में मदद कर सकता है.
5. तनाव को पहचानें
आपको समय रहते जरूर पहचानना चाहिए कि कब तनाव वर्कप्लेस प्रेशर से आगे निकल रहा है. अगर लंबे समय से नींद में अनियमित नींद, बार-बार सिरदर्द, कंसंट्रेट करने में परेशानी या चिड़चिड़ापन बढ़ गया है तो इस नजरअंदाज न करें.
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