घर के पौधों को कब पानी देना है, यह जानना हमेशा उतना आसान नहीं होता जितना कि उंगली से मिट्टी को छूकर देखना. जब पौधों में पानी की कमी होती है, तो वे अक्सर कुछ संकेत देते हैं. पत्तियां मुरझा सकती हैं, नई बढ़त कमजोर लग सकती है या गमला पानी देने के बाद के वजन की तुलना में काफी हल्का महसूस हो सकता है. ये छोटे-छोटे बदलाव आपको यह तय करने में मदद कर सकते हैं कि पौधे को कब पानी की जरूरत है, बिना मिट्टी को छेड़े. इसके अलावा आप गमले में क्या डालते हैं, यह भी मायने रखता है. किचन का बचा हुआ कचरा पौधे को पोषण देने का एक प्राकृतिक तरीका लग सकता है, लेकिन खाने का कचरा ज्यादातर घरेलू पौधों के गमलों में सीधे नहीं डालना चाहिए. फलों के छिलके और बचा हुआ खाना धीरे-धीरे सड़ते हैं. वे मक्खियों और दूसरे कीड़ों को आकर्षित कर सकते हैं या फफूंदी को बढ़ावा दे सकते हैं. इससे बेहतर तरीका यह है कि पौधे में पानी की कमी के संकेतों पर नजर रखें और खाने के कचरे को गमले से दूर रखें.
पत्तियों के किनारों का मुड़ने या सूखने पर ध्यान दें
जो पत्तियां मुड़ जाती हैं या जिनके किनारे सूखकर कड़क हो जाते हैं, वे पानी की कमी का संकेत हो सकती हैं. यह समस्या पहले किनारों से शुरू हो सकती है और फिर पूरी पत्ती पर दिखाई देने लगती है. हालांकि, किनारों के सूखने के और भी कारण हो सकते हैं. तेज धूप, सूखी हवा और पौधे के बढ़ने की दूसरी स्थितियां भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं. यह तय करने से पहले कि पौधे को और पानी की जरूरत है, पूरे पौधे को देखें.
गमले का वजन
मिट्टी को छुए बिना नमी का अंदाजा लगाने का एक आसान तरीका गमले को उठाना है. जब पॉटिंग मिक्स में पानी ज्यादा होता है, तो गमला आम तौर पर भारी लगता है. पानी देने के बाद इसे उठाकर देखें और याद रखें कि यह कैसा लगता है. कुछ दिनों बाद फिर से चेक करें. अगर यह काफी हल्का लगे और पौधे में भी तनाव के लक्षण दिखें, तो हो सकता है कि उसे पानी देने का समय आ गया हो.
नई ग्रोथ पर नजर रखें
जिस पौधे को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, उसकी ग्रोथ धीमी हो सकती है या नई पत्तियां कमजोर दिख सकती हैं. यह कोई तुरंत दिखने वाला संकेत नहीं है, इसलिए सिर्फ इसी पर निर्भर न रहें, लेकिन नियमित रूप से देखने पर आप पौधे के बहुत ज्यादा तनाव में आने से पहले ही बदलावों को पहचान सकते हैं.
ड्रेनेज होल्स के आस-पास जांच करें
पानी देने के बाद, ड्रेनेज होल्स के आस-पास थोड़ी नमी दिख सकती है या सॉसर में पानी जमा हो सकता है. पौधे को ज्यादा पानी में न रहने दें. ज़रूरत पड़ने पर सॉसर खाली कर दें. पानी से भरी जड़ों से भी उतनी ही जल्दी समस्या हो सकती है जितनी पानी की कमी से.
सूखी मिट्टी- अगर गमले की मिट्टी ऊपर से एक या दो इंच तक बिल्कुल सूखी और सख्त लगे.
मुरझाई पत्तियां- पौधे की पत्तियां अगर कमजोर होकर नीचे की ओर झुक जाएं या लटकने लगें.
हल्का गमला- गमले को उठाकर देखें, अगर वह सामान्य से बहुत ज्यादा हल्का लगे, तो मिट्टी सूख चुकी है.
पत्तियों का रंग बदलना- पत्तियों के किनारे भूरे होने लगें या पुरानी पत्तियां पीली पड़कर गिरने लगे.
मिट्टी का सिकुड़ना- सूखी हुई मिट्टी गमले के किनारों को छोड़ने लगे और उसमें हल्की दरारें दिखने लगें.
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