Khana Khane Ka Sahi Samay:अगर आप हेल्दी खाने के बावजूद थकान, ब्लोटिंग या खराब नींद से परेशान रहते हैं, तो समस्या आपकी प्लेट में नहीं बल्कि आपके खाने के समय में हो सकती है. AIIMS, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'गट डॉक्टर' के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर बताया कि डिनर का समय आपकी सेहत के लिए खाने से भी ज्यादा जरूरी होता है. आइए जानते हैं डॉ. सेठी ने किन बातों का जिक्र किया है.
देर से डिनर करने पर क्या होता है?
डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक, देर रात खाना खाने से शरीर का नेचुरल बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ जाता है. इस दौरान इंसुलिन सेंसिटिविटी 50% से घटकर 40% तक आ सकती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है. साथ ही फैट बर्न करने का प्रोसेस धीमी पड़ जाता है.
रात के समय शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन बढ़ता है, जो नींद के लिए जरूरी होता है. लेकिन जब आप देर से डिनर करते हैं, तो यही हार्मोन डाइजेशन से टकराने लगता है. इसकी वजह से शरीर को रिपेयर और डिटॉक्स का पूरा समय नहीं मिल पाता और सुबह उठते समय भारीपन, थकान या ब्लोटिंग महसूस होती है.

जल्दी डिनर करने के फायदे
रिसर्च बताती है कि जो लोग शाम 7 बजे से पहले डिनर कर लेते हैं, उनमें रात के समय ब्लड ग्लूकोज लगभग 15% कम पाया गया. इसके अलावा उनकी इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर रहती है और नींद की क्वालिटी भी अच्छी होती है, भले ही कैलोरी इनटेक एक जैसा क्यों न हो.
जल्दी डिनर करने से सोने से पहले खाना पचने के लिए पूरा टाइम मिल जाता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स, गैस और अपच की समस्या कम होती है. यह आदत देर रात स्नैकिंग से भी बचाती है.
डायबिटीज और फैटी लिवर वालों के देर से क्यों नहीं करना चाहिए डिनर?
डॉ. सेठी बताते हैं कि डायबिटीज, प्रीडायबिटीज और फैटी लिवर के मरीजों में देर से डिनर करने पर शुगर स्पाइक 30–50% तक बढ़ सकते हैं. ऐसे में जल्दी डिनर करने से हार्मोन बैलेंस बेहतर होता है और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद मिलती है.
रोजाना देर से खाना डायबिटीज, हार्ट डिजीज और मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकता है.
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