Smoking Kaise Chhode: हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिन्हें स्मोकिंग की लत होती है और बार-बार कोशिश करने के बाद भी स्मोकिंग नहीं छोड़ पाते हैं. आपको बता दें कि स्मोकिंग की लत एक आदत नहीं होती बल्कि शारीरिक और मानसिक निर्भरता होती है. यानी आपका शरीर और दिमाग दोनों इसपर निर्भर होने लगते हैं. तो क्या कोई तरीका है जिससे स्मोकिंग की लत को छुड़ाया जा सकता है? NDTV को दिए एक इंटरव्यू में फरीदाबाद स्थित एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डायरेक्टर और रेस्पिरेटरी हेड डॉ. मानव मनचंदा ने बताया कि स्मोकिंग छोड़ने के लिए सही काउंसलिंग, सही समय और सही इलाज तीनों का साथ होना बेहद जरूरी है.
स्मोकिंग छोड़ने में सबसे बड़ी दिक्कत क्या है?
डॉ. मानव मनचंदा के मुताबिक, ज्यादातर मरीज स्मोकिंग के साइड इफेक्ट्स को जानते तो हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह महसूस नहीं कर पाते. जब तक व्यक्ति अंदर से कन्विंस नहीं होता, तब तक वह स्मोकिंग छोड़ने के लिए तैयार नहीं होता. कई लोग pre-contemplation stage में रहते हैं, यानी उन्हें लगता है कि “अभी छोड़ने की जरूरत नहीं है”. यही सोच सबसे बड़ी रुकावट बनती है.
काउंसलिंग भी है जरूरी?
डॉ. मनचंदा बताते हैं कि स्मोकिंग छोड़ने में दवा के अलावा, मरीज को यह भी समझाया जाता है कि स्मोकिंग उसके फेफड़ों, दिल और नींद पर कैसे असर डाल रही है.

हर मरीज के लिए अलग ट्रीटमेंट?
एक ही तरीका हर किसी पर काम नहीं करता. कुछ मरीजों को दवाओं की जरूरत होती है, कुछ को निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जाती है, जबकि कुछ लोग सिर्फ सही गाइडेंस और मोटिवेशन से भी स्मोकिंग छोड़ पाते हैं. इसलिए हर मरीज के लिए अलग ट्रीटमेंट प्लान बनाया जाता है.
स्मोकिंग छोड़ने के फायदे
स्मोकिंग छोड़ने से सांस लेने में सुधार आने लगता है, खांसी कम होती है और शरीर का ऑक्सीजन लेवल बेहतर होता है. इससे दिल की बीमारी, कैंसर और क्रॉनिक लंग डिजीज का खतरा भी कम होता है.
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