Gen Zs 6-7 Dating Trend : आजकल के मॉडर्न जमाने में प्यार और रिश्तों की परिभाषा तेजी से बदल रही है. पहले लोग जहां एक परफेक्ट पार्टनर की तलाश में रहते थे, वहीं Gen Zs अब रिश्तों को एक नए नजरिए से देखने लगे हैं. सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जमाने में जहां हर कोई ‘परफेक्ट मैच' की तलाश करता है, वहीं युवाओं का एक वर्ग अब दिखावे से ज्यादा सुकून, भरोसे और भावनाओं को अहमियत दे रहा है. इसी सोच से जुड़ा एक नया डेटिंग ट्रेंड चर्चा में है, जिसमें लोग 10/10 परफेक्ट पार्टनर के बजाय ऐसे इंसान को चुनना पसंद कर रहे हैं, जिसके साथ जिंदगी आसान और खुशहाल लगे. इस ट्रेंड को ‘6-7 डेटिंग' कहा जा रहा है.
क्या है 6-7 डेटिंग ट्रेंड?
6-7 डेटिंग का मतलब है कि लोग अब किसी रिश्ते में सिर्फ बाहरी दिखावे या फिल्मी रोमांस को तवज्जो नहीं दे रहे. इसके बजाय वे ऐसे पार्टनर की तलाश कर रहे हैं, जो व्यवहार में अच्छा हो, भरोसेमंद हो और जिसके साथ मानसिक शांति महसूस हो. इस ट्रेंड में 6 या 7 रेटिंग का मतलब किसी व्यक्ति को कम आंकना नहीं है, बल्कि यह स्वीकार करना है कि कोई भी इंसान पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता, क्योंकि रिश्ते में असली मायने पार्टनर की समझ, केयरिंग नेचर, ईमानदारी और मुश्किल समय में साथ निभाने की काबिलियत मायने रखती है.
इस सोच में क्या खास है?
आज के समय में कई युवा डेटिंग बर्नआउट का सामना कर रहे हैं. लगातार नए लोगों से मिलना, परफेक्ट मैच ढूंढना और हर रिश्ते से ज्यादा उम्मीदें रखना मानसिक तनाव बढ़ा सकता है. 6-7 डेटिंग का विचार कहता है कि किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रिश्ता बेहतर हो सकता है जो आपको सुरक्षित महसूस कराए, आपकी भावनाओं को समझे और आपकी जिंदगी में शांति लेकर आए. कई बार शुरुआत में बेहद आकर्षक लगने वाला इंसान लंबे समय में सही पार्टनर साबित नहीं होता. वहीं साधारण दिखने वाला कोई व्यक्ति अपने व्यवहार और सपोर्ट से रिश्ते को मजबूत बना सकता है.

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परफेक्ट पार्टनर की तलाश से आगे बढ़ने की सोच
फिल्मों और रोमांटिक कहानियों ने अक्सर लोगों के मन में ‘परफेक्ट लव स्टोरी' की छवि बनाई है. लेकिन असल जिंदगी में रिश्ते समझौते, प्रयास और आपसी सम्मान से चलते हैं. 6-7 डेटिंग इसी सच्चाई को स्वीकार करने की कोशिश है. इसमें लोग पार्टनर में कमियां खोजने के बजाय उसकी अच्छी बातों पर ध्यान देते हैं. हालांकि, कुछ लोग इसे सही नहीं मानते. उनका कहना है कि किसी इंसान को नंबर देकर आंकना रिश्ते के लिए गलत सोच हो सकती है और सिर्फ अकेलेपन के डर से किसी के साथ जुड़ना भी सही फैसला नहीं है.
क्या 6-7 डेटिंग बदल सकता है रिश्तों का भविष्य?
यह ट्रेंड भले ही नया नाम लेकर आया हो, लेकिन इसका मूल विचार काफी पुराना है. लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों में आकर्षण के साथ-साथ विश्वास, दोस्ती और समझ भी जरूरी होती है. Gen Z का यह नया नजरिया बताता है कि रिश्ते में हमेशा चमक-दमक जरूरी नहीं होती. कई बार एक शांत, भरोसेमंद और आरामदायक रिश्ता ही जिंदगी का सबसे अच्छा चुनाव साबित हो सकता है.
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