प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लगातार 4,399 दिनों तक देश का नेतृत्व कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है. इसके साथ ही वह भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार कार्यकाल पूरा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं. हालांकि अब उनका प्रभाव सिर्फ राजनीतिक फैसलों तक सीमित नहीं रहा. पिछले 10 वर्षों में उन्होंने लोगों के खानपान, पहनावे, फिटनेस और घूमने-फिरने की आदतों को भी प्रभावित किया है. उनकी कई पहलें और व्यक्तिगत पसंद धीरे-धीरे आम लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गई हैं.
मिलेट्स को बनाया सुपरफूड
कुछ साल पहले तक बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाज को साधारण ग्रामीण भोजन माना जाता था. प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार इन अनाजों के फायदों का जिक्र किया और इन्हें लोगों की थाली तक पहुंचाने का प्रयास किया. उनके प्रयासों का ही असर था कि साल 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया गया. आज मिलेट्स से बने स्नैक्स, कुकीज, नाश्ते और हेल्दी डिशेज शहरों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.
देसी और सादा भोजन को मिली पहचान
प्रधानमंत्री मोदी कई बार खिचड़ी, मखाना और सहजन जैसे पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थों का उल्लेख कर चुके हैं. इससे लोगों के बीच स्थानीय और पौष्टिक भोजन के प्रति रुचि बढ़ी है. हेल्थ को लेकर जागरूक नई पीढ़ी भी अब ऐसे खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल कर रही है. इससे देसी खानपान को नई पहचान मिली है.
खादी बनी फैशन की पसंद
"खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन" का संदेश पिछले कुछ वर्षों में काफी लोकप्रिय हुआ. एक समय था जब खादी को केवल पारंपरिक कपड़ा माना जाता था, लेकिन अब यह मॉडर्न फैशन का हिस्सा बन चुकी है. खादी के कुर्ते, जैकेट और अन्य आउटफिट्स युवाओं के बीच भी पसंद किए जा रहे हैं. इससे स्थानीय बुनकरों और खादी उद्योग को भी लाभ मिला है.
योग को बनाया ग्लोबल ट्रेंड
साल 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के बाद योग को दुनियाभर में नई पहचान मिली. प्रधानमंत्री मोदी अक्सर योग को स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा बताते रहे हैं.

X (Twitter)/@narendramodi
देश के पर्यटन स्थलों को मिली नई पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार देश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दिया है. केदारनाथ की यात्रा हो या लक्षद्वीप की खूबसूरत तस्वीरें, उनके एक पोस्ट ने कई जगहों को चर्चा में ला दिया. इससे घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिला और लोगों का रुझान देश के नए पर्यटन स्थलों की ओर बढ़ा.
परंपरा और आधुनिकता का मेल
पीएम मोदी के मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल, स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील और भारतीय परंपराओं को बढ़ावा देने जैसे कई प्रयासों ने लोगों की सोच को प्रभावित किया है. यही कारण है कि आज बड़ी संख्या में लोग आधुनिक जीवनशैली के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी महत्व दे रहे हैं. पिछले एक दशक में यह बदलाव साफ तौर पर देखने को मिला है.
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