Relationship Advice: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह आंख खुलते ही नोटिफिकेशन चेक करना, दिनभर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना और रात को सोने से पहले फोन देखना यह सब हमारी आदत बन गई है. लेकिन, इस आदत का सबसे ज्यादा असर हमारे रिश्तों पर पड़ रहा है, खासकर कपल्स के रिश्ते पर. अक्सर देखा जाता है कि साथ बैठकर भी दोनों पार्टनर अपने-अपने फोन में बिज़ी रहते हैं. बातचीत कम होती जा रही है, भावनात्मक जुड़ाव कमजोर पड़ रहा है. ऐसे में डिजिटल डिटॉक्स यानी कुछ समय के लिए फोन और स्क्रीन से दूरी बनाना, रिश्तों को फिर से मजबूत बनाने का असरदार तरीका बन सकता है.
डिजिटल डिटॉक्स क्या है?
डिजिटल डिटॉक्स का मतलब है जानबूझकर कुछ घंटों, एक दिन या तय समय के लिए मोबाइल, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल डिवाइस से ब्रेक लेना. इसका उद्देश्य तकनीक को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि उसका संतुलित इस्तेमाल सीखना है, ताकि असली ज़िंदगी और रिश्तों पर फोकस किया जा सके.
फोन से दूरी, बातचीत में नजदीकी
जब कपल्स फोन से ब्रेक लेते हैं, तो सबसे पहला फायदा यह होता है कि बातचीत बढ़ती है. बिना स्क्रीन के आमने-सामने बैठकर बात करने से एक-दूसरे की भावनाएं समझ में आती हैं. छोटी-छोटी बातें, जो पहले नजरअंदाज हो जाती थीं, अब अहम लगने लगती हैं. इससे आपसी समझ और विश्वास दोनों मजबूत होते हैं.
क्वालिटी टाइम का असली मतलब
अक्सर हम सोचते हैं कि साथ बैठना ही क्वालिटी टाइम है, लेकिन अगर ध्यान फोन पर है तो वह समय अधूरा है. डिजिटल डिटॉक्स के दौरान कपल्स साथ में टहल सकते हैं, खाना बना सकते हैं, या बस बिना किसी रुकावट के बातें कर सकते हैं. यह समय रिश्ते में गर्मजोशी और अपनापन लौटाता है.

झगड़े और गलतफहमियां होती हैं कम
फोन और सोशल मीडिया कई बार तुलना, शक और गलतफहमियों की वजह बनते हैं. लगातार नोटिफिकेशन और ऑनलाइन दुनिया का दबाव तनाव बढ़ाता है, जिसका असर रिश्ते पर पड़ता है. डिजिटल डिटॉक्स से दिमाग को शांति मिलती है, जिससे छोटी बातों पर झगड़े कम होते हैं और धैर्य बढ़ता है.
भावनात्मक जुड़ाव होता है मजबूत
जब आप फोन से दूर होकर अपने पार्टनर पर पूरा ध्यान देते हैं, तो वे खुद को ज्यादा अहम और सुरक्षित महसूस करते हैं. यह भावनात्मक जुड़ाव रिश्ते की नींव को मजबूत करता है और प्यार में गहराई लाता है.
डिजिटल डिटॉक्स कैसे शुरू करें?
शुरुआत छोटे कदमों से करें. जैसे डिनर के समय फोन न इस्तेमाल करना, सोने से एक घंटा पहले मोबाइल दूर रखना, या वीकेंड पर कुछ घंटे नो फोन जोन बनाना. धीरे-धीरे यह आदत रिश्ते में सकारात्मक बदलाव लाएगी.
डिजिटल डिटॉक्स कोई मुश्किल काम नहीं, बल्कि रिश्ते को समय और अहमियत देने का तरीका है. फोन से लिया गया यह छोटा सा ब्रेक कपल्स के बीच प्यार, समझ और अपनापन वापस ला सकता है. कभी-कभी कनेक्ट होने के लिए, डिस्कनेक्ट होना जरूरी होता है
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं