Can Coffee Reduce Stress: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव (Stress), चिंता (Anxiety) और डिप्रेशन (Depression) आम समस्याएं बनती जा रही हैं. ऐसे में लोग अपने मूड को बेहतर करने के लिए कई उपाय अपनाते हैं, जिनमें से एक है कॉफी पीना. लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि कितनी कॉफी पीना सही है? क्या ज्यादा कैफीन नुकसान कर सकता है? हाल ही में हुई एक बड़ी रिसर्च ने इस विषय पर रोचक जानकारी दी है. इस अध्ययन के अनुसार, रोजाना 2-3 कप कॉफी पीना मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है. हालांकि, किसी भी चीज की तरह इसका ज्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं इस रिसर्च के पीछे के कारण.
रिसर्च क्या कहती है?
यह अध्ययन अफेक्टिव डिसऑर्डर्स का जर्नल में प्रकाशित हुआ है. शोधकर्ताओं ने 4,61,000 से ज्यादा हेल्दी लोगों के डेटा का विश्लेषण किया. इन लोगों को औसतन 13.4 साल तक फॉलो किया गया. नतीजों में पाया गया कि रोज 2-3 कप कॉफी पीने वालों में चिंता और डिप्रेशन का जोखिम सबसे कम था.
कॉफी से जुड़ा J-शेप्ड लिंक क्या होता है?
इस अध्ययन में J-शेप्ड रिलेशनशिप पाया गया, जिसका मतलब है बहुत कम कॉफी (या बिल्कुल नहीं) से कम फायदा. मध्यम मात्रा (2–3 कप) सबसे ज्यादा फायदा. बहुत ज्यादा कॉफी (3 कप से ज्यादा), फायदा कम या बिल्कुल नहीं. यानी संतुलन ही सबसे जरूरी है.

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क्यों फायदेमंद हो सकती है कॉफी?
वैज्ञानिकों के अनुसार कॉफी में मौजूद कैफीन और अन्य तत्व मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं:
एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण: शरीर में सूजन कम करते हैं.
एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव: कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं.
न्यूरोट्रांसमीटर पर असर: मूड को बेहतर बनाने में मदद.
गट हेल्थ सुधार: पाचन और मानसिक स्वास्थ्य के बीच कनेक्शन मजबूत.
डिकैफ कॉफी क्यों नहीं दिखा पाई असर?
अध्ययन में पाया गया कि बिना कैफीन (Decaffeinated) कॉफी से वही लाभ नहीं मिले. इसका मतलब है कि कैफीन इस फायदे में मुख्य भूमिका निभाता है. इसलिए सिर्फ कॉफी नहीं, बल्कि उसमें मौजूद कैफीन भी जरूरी है
ज्यादा कॉफी क्यों हो सकती है नुकसानदायक?
जहां सीमित मात्रा फायदेमंद है, वहीं ज्यादा कॉफी पीने से समस्याएं हो सकती हैं. इससे नींद में कमी (Insomnia), दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट और बेचैनी बढ़ना, एसिडिटी या पेट की समस्या.
क्या यह रिसर्च पूरी तरह साबित करती है?
यह अध्ययन कारण और प्रभाव (Cause & Effect) को पूरी तरह साबित नहीं करता. इसमें सीधे दिमाग की एक्टिविटी को नहीं मापा गया. अलग-अलग लोगों पर असर अलग हो सकता है. फिर भी, यह एक मजबूत संकेत जरूर देता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार मानसिक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा स्वास्थ्य बोझ बन चुकी हैं. इसलिए ऐसे उपाय जरूरी हैं जो इन्हें रोकने में मदद करें.
क्या करें? सही तरीका क्या है?
अगर आप कॉफी पीते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- दिन में 2-3 कप तक सीमित रखें.
- रात के समय कॉफी से बचें.
- खाली पेट ज्यादा कॉफी न लें.
- अपनी बॉडी के अनुसार सेवन करें.
कॉफी सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि सही मात्रा में यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए सहायक हो सकती है. लेकिन, इसका फायदा तभी है जब इसे बैलेंस तरीके से लिया जाए.
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