Okhla Bird Sanctuary: पक्षी प्रेमियों के लिए ओखला बर्ड सैंक्चुरी एक शानदार जगह है, जो नोएडा में यमुना नदी के किनारे स्थित है और यहां सैकड़ों पक्षी प्रजातियों का घर है. सर्दियों के मौसम में विदेश से भी सैकड़ों पक्षी यहां आते हैं. इन दिनों फिर एक बार ओखला बर्ड सैंक्चुरी की रौनक लौट आई है. यह जगह शांत वातावरण और पक्षियों को देखने के लिए बहुत अच्छी है. सर्दी में मेहमान परिंदे अपने कुनबे के साथ यहां करतब करने लगते हैं, जो पर्यटकों को सुकून देते हैं. हर साल यहां हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं.
ओखला बर्ड सैंक्चुरी में कहां से आते हैं पक्षी?
ओखला बर्ड सैंक्चुरी में हर साल सर्दियों के मौसम में यूरोप, अमेरिका, कनाडा, साइबेरिया और तिब्बत जैसे देशों से हजारों मील का सफर तय करके पक्षी यहां पहुंचते हैं. पक्षियों को देखने के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ भी यहां बढ़ चुकी है.
बर्ड वॉचर श्याम भागड़ा के मुताबिक, इस बार ओखला में प्रवासी पक्षी अधिक संख्या में आए हैं. पिछले तीन चार साल से इनकी संख्या बहुत कम रहती थी. इस बार अधिक संख्या में पक्षी आएं हैं. इसकी मुख्य वजह यह भी है कि सही समय पर झील की सफाई हो गई थी. प्रवासी पक्षी दिखने में बहुत सुंदर लगते हैं और इन्हें देखने दूर-दूर से पर्यटक आते हैं.
कैन से पक्षी देखने को मिलेंगे?ओखला बर्ड सैंक्चुरी में ग्रेलैग गूज, खार हेडेड गूज, पोचर्ड, रेड क्रेस्टेड पोचर्ड, तीन विंग्ड टोल, नॉर्दन पिनटेल, नॉर्दन सॉप्लर, गार्गेनी और ग्रेटर व्हाइट-फंटेड गूज आदि कई प्रजातियां देखने मिल सकता है.
कैसे पहुंचे ओखला बर्ड सैंक्चुरीयह आमतौर पर सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है. यहां भारतीय नागरिकों और विदेशी पर्यटकों के लिए मामूली प्रवेश शुल्क लागू है. यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन 'ओखला बर्ड सैंक्चुरी' (मैजेंटा लाइन) है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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