Anti Ageing Tips: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई प्रकार के बदलाव आते हैं, लेकिन आजकल के समय में कम उम्र में ही लोगों के चेहरे पर रिंकल्स यानी झुर्रियां और तनाव आदि दिखने लगा है. जिसके चलते कम उम्र में जवानी की सुंदरता कम हो जाती है. हालांकि, आज के समय में उम्र बढ़ने को देखने का पुराना नजरिया बदल रहा है. आज के समय में युवा एंटी-एजिंग के समय को पीछे ले जाने के रूप में नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए अपनी स्किन को प्रिजर्व करने और निखारने के रूप में देखते हैं, ताकि उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देने में ज्यादा समय लगे.
यह भी पढ़ें:- सर्दियों में आंवला जूस पीने से क्या होता है? कौन-कौन सी बीमारी ठीक होती है, जानिए Amla Juice पीने का सही समय
-
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
ग्रैण्ड व्यू रिसर्च के मुताबिक, भारत का एंटी-एजिंग उत्पाद उद्योग लगभग 10.7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से लगातार बढ़ रहा है और इसके वर्ष 2033 तक लगभग 4.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इसका मतलब है कि अब लोगों की मानसिकता में बदलाव आने लगा है यह नियमित दिनचर्या से लेकर लचीलेपन को प्राथमिकता देने वाली दिनचर्या तक, मानसिकता में बदलाव का संकेत देते हैं.
आइबेरिया फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल अफेयर्स मैनेजर, डॉ. शालिनी दुबे के मुताबिक, झुरियों से बचाव के लिए अब सनस्क्रीन एक विकल्प नहीं, बल्कि एक बुनियादी जरूरत है. एंटी-एजिंग को पीछे भागने का यह चलन समय के साथ और भी ज्यादा बढ़ रहा है. अब बात सिर्फ सनस्क्रीन की नहीं रह गई है. अब लोग हल्के एंटीऑक्सीडेंट सीरम, माइल्ड एक्सफोलिएशन और स्किन हेल्थ के लिए मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, रेटिनॉइड्स, जिन्हें कभी सिर्फ रिंकल्स के लिए कारगर उपचार माना जाता था, अब कोलेजन बनाए रखने और स्किन के रिन्यूअल में मदद के लिए कम मात्रा में इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
एंटी-एजिंग से बचाव के उपायत्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने का राज हमारी डेली लाइफ की एक्टिविटी में ही छिपा हुआ है, जो शरीर और त्वचा को पोषण देते हैं. झुर्रियां कम करने और त्वचा को चमकदार बनाने के लिए धूप से बचाव करें, खूब पानी पिएं, और अपनी डाइट में विटामिन-E युक्त चीजें जैसे बादाम, गाजर, और हरी सब्जियां शामिल करें. फलों, सब्जियों, मेवों और बीजों से भरपूर आहार ऑक्सीडेटिव प्रक्रियाओं को संतुलित कर सकता है. इसके अलावा अच्छी नींद और पर्याप्त पानी पीना भी बहुत जरूरी है.
इसके साथ ही नियमित फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए. क्योंकि इससे ब्लड फ्लो में सुधार होता है और त्वचा स्वस्थ बनती हैं. समय से पहले बूढ़ा होने से बचाने के लिए बहुत ज्यादा चीनी, शराब और धूप से बचना भी जरूरी है. कोलेजन को बनाए रखने, त्वचा की लोच बढ़ाने और त्वचा की रक्षा करने वाली परत को मजबूत करने के लिए अपनी त्वचा की देखभाल में विटामिन सी, नियासिनमाइड, रेटिनॉल, पेप्टाइड्स और हायल्यूरोनिक एसिड जैसे तत्वों वाले उत्पादों को शामिल करें.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं