बच्चे की अच्छी परवरिश के लिए केवल सुख-सुविधाओं पर ध्यान देना ही जरूरी नहीं होता है. इससे अलग बच्चा अपने आसपास की चीजों और अपने माता-पिता से भी बहुत कुछ सीखता है. खासकर बेटा अपने पिता के व्यवहार को बहुत ध्यान से देखता है. पिता घर में मां से किस तरह बात करते हैं, गुस्सा आने पर क्या करते हैं, बच्चे को कितना समय देते हैं और परिवार को कितनी अहमियत देते हैं, इन सभी बातों का बच्चे की सोच पर गहरा असर पड़ता है. इसी को लेकर पेडियाट्रिशियन रवि मलिक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है. अपनी इस पोस्ट में उन्होंने 5 ऐसी बातें बताई हैं, जो बेटा अपने पिता से सीखता है. पेडियाट्रिशियन कहते हैं कि इन बातों का बच्चे की सोच पर गहरा असर पड़ता है और आगे चलकर बच्चा के व्यवहार में भी ये चीजें नजर आ सकती हैं. इसलिए हर पिता को इन बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए-
अपने पापा से ये चीजें सीखता है बेटा
नंबर 1- महिलाओं से कैसे बात करनी हैपेडियाट्रिशियन बताते हैं, बेटा सबसे पहले अपने घर में देखता है कि पिता उसकी मां के साथ कैसा व्यवहार करते हैं. पापा अपनी पत्नी से सम्मान से बात करते हैं या नहीं, उनकी बात सुनते हैं या नहीं और उनके साथ कैसा बर्ताव करते हैं, बच्चा इन चीजों पर बहुत गौर से ध्यान देता है. अगर पिता घर की महिला का सम्मान करते हैं, तो बच्चे को भी ये समझ आता है कि महिलाओं के साथ प्यार और सम्मान से पेश आना चाहिए.
नंबर 2- गुस्से को कैसे संभालना हैहर किसी को कभी न कभी गुस्सा जरूर आता है. लेकिन गुस्से में हम क्या करते हैं, इस बात पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. बेटा अपने पिता को देखकर सीखता है कि गुस्सा आने पर क्या करना चाहिए. अगर पिता गुस्से में दूसरों पर चिल्लाते हैं, गलत व्यवहार करते हैं, तो बच्चा भी इन चीजों को सीख सकता है. वहीं, अगर पिता गुस्से में भी खुद को शांत रखकर चीजों को संभालने की कोशिश करते हैं, तो बच्चा इसे देखकर भी खुद को संभालना सीखता है.
नंबर 3- परिवार की अहमियत समझनाबच्चे के लिए पिता का समय बहुत जरूरी होता है. जब पिता अपने बच्चे को समय देते हैं, तो बेटा उनसे तो जुड़ता है ही, साथ ही परिवार की अहमियत को भी समझता है.
नंबर 4- अच्छा इंसान बनने का मतलबपेडियाट्रिशियन कहते हैं, बेटा अपने पिता से ये भी सीखता है कि एक पुरुष को कैसा होना चाहिए. स्ट्रॉन्ग होने का मतलब सिर्फ सख्त होना नहीं है. परिवार से प्यार करना, दूसरों की बात समझना, जरूरत के समय साथ खड़ा होना और अपनी भावनाओं को भी समझना जरूरी है. जब आप ये चीजें अच्छी तरह से करते हैं, तो आपका बेटा भी इन चीजों को करना सीख पाएगा.
नंबर 5- आगे चलकर कैसा पिता बनना हैइन सब से अलग रवि मलिक कहते हैं, बच्चा अपने पिता को देखकर यह भी सीखता है कि भविष्य में उसे अपने बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करना है. इसलिए अपने बच्चे के लिए एक अच्छा उदाहरण बनें.
पेडियाट्रिशियन कहते हैं, पिता की जिम्मेदारी सिर्फ बच्चे की जरूरतें पूरी करना या परिवार के लिए पैसे कमाना ही नहीं होता है, इससे अलग उनका रोज का व्यवहार भी बच्चे को बहुत कुछ सिखाता है. ऐसे में कोशिश करें कि आप अपने बच्चे को अच्छी सीख दे सकें.
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