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खुशी और सफलता की चाबी हैं भगवद गीता के ये 5 मंत्र, इन्हें जानकर जीत जाएंगे हर जंग, सारी चिंता हो जाएंगी दूर

5 Bhagavad Gita Mantras for Success and Happiness: मशहूर योग गुरु और लेखिका हंसा योगेन्द्र ने अपने यूट्यूब वीडियो में भगवद गीता से जुड़े ऐसे 5 मंत्र बताए हैं, जो जीवन में खुशी, सफलता और आत्मविश्वास लाने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-

खुशी और सफलता की चाबी हैं भगवद गीता के ये 5 मंत्र, इन्हें जानकर जीत जाएंगे हर जंग, सारी चिंता हो जाएंगी दूर
खुशी और सफलता की चाबी हैं भगवद गीता के ये 5 मंत्र

5 Bhagavad Gita Mantras for Success and Happiness: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और असफलता का डर लोगों की आम समस्या बन चुका है. बहुत से लोग दिनभर मेहनत तो करते हैं, लेकिन मन को शांति और संतोष नहीं मिल पाता. ऐसे समय में भगवद गीता की शिक्षाएं हमें सही दिशा दिखाती हैं. मशहूर योग गुरु और लेखिका हंसा योगेन्द्र ने अपने यूट्यूब वीडियो में भगवद गीता से जुड़े ऐसे 5 मंत्र बताए हैं, जो जीवन में खुशी, सफलता और आत्मविश्वास लाने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में- 

पहला मंत्र- कर्म पर ध्यान, फल की चिंता नहीं करें

भगवद गीता कहती है कि हमारा अधिकार सिर्फ कर्म करने पर है, उसके फल पर नहीं. जब हम हर काम सिर्फ रिजल्ट के लिए करते हैं, तो मन में डर और तनाव बना रहता है. लेकिन जब हम पूरी ईमानदारी से अपना काम करते हैं, तो सफलता अपने आप मिलती है. यही सोच बिजनेस, पढ़ाई और खेल के क्षेत्र में चैंपियन बनाती है.

दूसरा मंत्र- मन को अपना दोस्त बनाएं

गीता के अनुसार, जिसने अपने मन को जीत लिया, उसके लिए मन सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है. लेकिन जो मन पर काबू नहीं कर पाता, उसके लिए वही सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है. डर, आलस्य और आत्म-संदेह हमारी तरक्की में सबसे बड़ी रुकावट हैं. ध्यान, अनुशासन और आत्म-चिंतन से हम अपने मन को मजबूत बना सकते हैं.

तीसरा मंत्र- बदलाव को अपनाएं

जीवन में बदलाव तय है. गीता सिखाती है कि इस दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है, यहां तक कि हमारी परेशानियां भी नहीं. जो लोग बदलाव से डरते हैं, वे पीछे रह जाते हैं. वहीं, जो हालात के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं, वही आगे बढ़ते हैं. सीखना और खुद को बेहतर बनाना ही सफलता की असली कुंजी है.

चौथा मंत्र- निडर होकर कर्म करें

असफलता का डर कई सपनों को शुरू होने से पहले ही खत्म कर देता है. गीता कहती है कि कुछ न करना, गलती करने से भी बुरा है. हर बड़ी सफलता की शुरुआत साहस से होती है. कोशिश करें, सीखें और फिर से आगे बढ़ें, यही जीत का रास्ता है.

पांचवां मंत्र- जीवन का उद्देश्य बड़ा रखें

सच्ची सफलता सिर्फ निजी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि दूसरों की मदद और समाज के लिए कुछ अच्छा करने में है. जब हमारे लक्ष्य किसी बड़े उद्देश्य से जुड़े होते हैं, तो जीवन में गहरी खुशी और संतोष मिलता है.

हंसा योगेन्द्र के अनुसार, भगवद गीता के ये पांच मंत्र जीवन की हर जंग जीतने की ताकत देते हैं. अगर हम इन्हें अपने जीवन में अपनाएं, तो चिंता अपने आप दूर हो जाती है और सफलता का रास्ता साफ हो जाता है.

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