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बच्चे की अच्छी परवरिश के लिए हर माता-पिता को जरूर बनाने चाहिए ये 5 रूल, Parenting Expert से जान लें

पीडियाट्रिशियन रवि मलिक ने बच्चे की अच्छी परवरिश के लिए 5 रूल्स बताए हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-

बच्चे की अच्छी परवरिश के लिए हर माता-पिता को जरूर बनाने चाहिए ये 5 रूल, Parenting Expert से जान लें
हर माता-पिता को जरूर बनाने चाहिए ये 5 रूल
(Photo Credit: Freepik)

हर माता-पिता अपने बच्चे की अच्छी परवरिश करना चाहते हैं. इसके लिए वे अपने बच्चे को अच्छे से अच्छे स्कूल भेजते हैं और खुद भी अच्छे संस्कार देने की कोशिश करते हैं. लेकिन बच्चों की परवरिश सिर्फ स्कूल और संस्कारों तक ही सीमित नहीं होती है. इससे अलग घर के माहौल और माता-पिता के व्यवहार का भी बच्चों पर काफी असर पड़ता है. माता-पिता आपस में कैसे बात करते हैं, बच्चे के साथ कितना समय बिताते हैं और उसके सामने एक-दूसरे का साथ कैसे रहते हैं, बच्चा इन सब चीजों को भी नोटिस करता है और इनका असर भी उसपर पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए पीडियाट्रिशियन रवि मलिक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट वे कहते हैं, बच्चे की अच्छी परवरिश के लिए हर माता-पिता को 5 रूल बना लेने चाहिए. आइए जानते हैं इनके बारे में- 

रूल नंबर 1- बच्चे के साथ रहें 

पीडियाट्रिशियन कहते हैं, अगर माता और पिता दोनों घर पर हैं, तो एक पेरेंट को हमेशा बच्चे के साथ रहना चाहिए. जैसे अगर मम्मी खाना बना रही हैं, तो पापा बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करें. वहीं, अगर पापा बिजी हैं, तो मां को बच्चे के साथ रहना चाहिए. अपने बच्चे को समय दें. उससे बातें करें और उसकी बातों को भी सुनें. 

रूल नंबर 2- बच्चे के सामने एक-दूसरे की बुराई न करें

पति-पत्नी के बीच मतभेद होना आम बात है. लेकिन इस मतभेद का अपने बच्चे पर असर न पड़ने दें. बच्चे के सामने एक-दूसरे की बुराई करने से बचें. 'तुम्हारी मां हमेशा ज्यादा रिएक्ट करती हैं' या 'तुम्हारे पिता मेरी बात नहीं समझते' जैसी बातें बच्चे को असुरक्षित महसूस करा सकती हैं. बच्चे के सामने इस तरह की बातें करने से बचें. इससे अलग अपने मतभेद को अकेले में सुलझाने की कोशिश करें.

रूल नंबर 3- दिन में कम से कम एक बार साथ खाना खाएं

एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि दिन में कम से कम बार माता-पिता अपने बच्चे के साथ बैठकर खाना खाएं. इस दौरान मोबाइल, टीवी या दूसरी चीजें देखने के बजाय बच्चे पर ध्यान दें. अपने बच्चे से पूछें कि आज उसे सबसे ज्यादा खुशी किस बात से हुई या किसी चीज ने उसे परेशान तो नहीं किया. इससे बच्चा आपको अपने मन की बात बताएगा, साथ ही आपका अपने बच्चे के साथ अच्छा कनेक्शन भी बनेगा. 

रूल नंबर 4- रूल्स कभी न तोड़ें

पीडियाट्रिशियन कहते हैं, अगर मां या पिता ने बच्चे के लिए कोई नियम बनाया है, तो उसे तोड़ें नहीं. आसान भाषा में समझें तो अगर मां ने बच्चे से कहा है कि डिनर से पहले चॉकलेट नहीं मिलेगी, तो पिता भी इस बात पर कायम रहें. डिनर से पहले बच्चे को चॉकलेट नहीं दें. जब कोई पेरेंट दूसरे पेरेंट के बनाए रूल्स को टोड़ता है, तो इससे बच्चे पर गलत असर पड़ सकता है. बच्चे को लग सकता है कि एक पेरेंट की बात न मानकर दूसरे से अपनी बात मनवाई जा सकती है.

रूल नंबर 5- दोनों माता-पिता एक बात पर सहमत रहें

इन सब से अलग डॉक्टर रवि मलिक कहते हैं, बच्चे के सामने माता-पिता को एक टिम में रहना जरूरी है. अगर एक पेरेंट किसी काम के लिए मना करता है और दूसरा उसी काम के लिए हां कह देता है, तो इससे भी बच्चे पर गलत असर पड़ सकता है. इसलिए बच्चे के सामने हमेशा एक-दूसरे के फैसलों का समर्थन करें. इससे बच्चा भी आपकी बात मानेगा और उसपर अच्छा असर पड़ेगा.

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