दिल के मरीजों को करने चाहिए ये 4 योगासन, Heart Health रहती है अच्छी और सेहत को मिलता है फायदा

Yoga For Heart Health: योगा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वास्थ्य को बेहतर करती है. दिल की सेहत को बेहतर करने के लिए आप भी इन योगसान को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना सकते हैं. 

दिल के मरीजों को करने चाहिए ये 4 योगासन, Heart Health रहती है अच्छी और सेहत को मिलता है फायदा

Heart Health: दिल के लिए अच्छे हैं ये योगासन. 

Yoga Poses: योगा जितना शरीर को बाहरी रूप से बेहतर करता है उतना ही असर अंदरूनी रूप से भी शरीर पर दिखाता है. दिल की सेहत (Heart Health) के लिए भी योगा को अच्छा माना जाता है. ऐसे में कई योगासन (Yoga Poses) ऐसे हैं जो दिल के मरीज (Heart Patients) कर सकते हैं और जिनसे उन्हें फायदा मिलेगा. इन आसनों को करना बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं है और थोड़ी प्रैक्टिस से ही इन्हें सुचारु रूप से किया जा सकता है. आइए जानें, दिल के लिए अच्छे योगासन कौन-कौनसे हैं. 

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दिल की सेहत के लिए योगा | Yoga For Heart Health

ताड़ासन

इस आसन (Yoga Pose) को करने पर दिल की सेहत तो बेहतर होती ही है, साथ ही कमर के निचले हिस्से को भी आराम मिलता है. अपने पैरों को पास रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं. अब हाथों को ऊपर करके एकसाथ पकड़ें. गहरी सांस लें और ऊपर देखें. अब सिर को कंधे पर झुकाएं. 5 से 10 सैकंड तक इस पोज को होल्ड करके 1 से 2 बार फिर दोहराएं. 


त्रिकोणासन 

इस आसन को करने के लिए अपने दोनों पैरों को फैलाते हुए खड़े हो जाएं. अब दाहिने पैर को हल्का अंदर की तरफ करें और हाथों को फैला लें. अब सीधे हाथ को सीधे पैर की तरफ झुकाते हुए जमीन को छूएं. गहरी सांस लेते हुए इस पोज को होल्ड करें.


शवासन 

यह एक बेहद ही आसान योगासन है जिससे तनाव दूर होता है और शरीर को रिलेक्स महसूस होता है. इस आसन को करने के लिए आपको जमीन पर लेटना होगा. अपने पैरों को सामने की तरफ रखें और हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखा रहने दें. बॉडी को रिलेक्स करके गहरी सांस लें. 

वृक्षासन 

इस आसन को करते हुए वृक्ष की मुद्रा में खड़ा हुआ जाता है इसलिए इसे वृक्षासन (Vrikshasan) कहते हैं. इसे करने के लिए दोनों पैरों को साथ में जोड़ते हुए खड़े हों और हाथों को ऊपर उठाते हुए आपस में नमस्कार की मुद्रा में जोड़ लें. अब एक पैरों को उठाते हुए दूसरे पैर के पास ऊपर जांघों तक लेकर जाएं और कसकर दबाते हुए बैलेंस बनाएं. इस पोज को जितना देर होल्ड किया जा सके करें और फिर कुछ देर बार दूसरे पैर से भी दोहराएं. 

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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