Ripen Raw Mango at Home: गर्मी का मौसम आते ही आम का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन, आजकल बाजार में मिलने वाले कई आम कार्बाइड से पकाए जाते हैं, जो हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं. ऐसे आम बाहर से तो पीले और आकर्षक दिखते हैं, लेकिन उनका स्वाद और पोषण दोनों प्रभावित होते हैं. ऐसे में सुरक्षित रहने के लिए क्या आप आम को घर पर नेचुरल तरीके से पका सकता है? हमारे घरों में ही कुछ आसान और देसी तरीके मौजूद हैं, जिनसे आप कच्चे आम को बिना किसी केमिकल के सुरक्षित और स्वादिष्ट बना सकते हैं. ये तरीके न केवल नेचुरल हैं बल्कि आम की असली मिठास और खुशबू को भी बरकरार रखते हैं. आइए जानते हैं इन आसान और प्रभावी देसी उपायों के बारे में.
छूला के पत्तों और भूसे से पकाएं आम
अगर आप आम को पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से पकाना चाहते हैं, तो छूला (या पेड़ के सूखे पत्तों) और भूसे का इस्तेमाल बेहद कारगर तरीका है. सबसे पहले यह ध्यान रखें कि आम कहीं से कटे-फटे या खराब न हों. अब आम को अच्छी तरह साफ कर लें.
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इसके बाद आमों को चारों तरफ से छूला के पत्तों से ढक दें. फिर इन आमों को भूसे के बीच इस तरह रखें कि अंदर बनने वाली गर्मी और गैस बाहर न निकल सके. यह प्रक्रिया बिल्कुल वैसी ही होती है जैसे पेड़ पर आम खुद-ब-खुद पकते हैं. इस तरीके से आम 3 से 5 दिनों में धीरे-धीरे पक जाते हैं और उनमें प्राकृतिक मिठास भर जाती है.

पुराने अखबार का आसान तरीका
अगर आपके पास भूसा या पत्ते उपलब्ध नहीं हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप पुराने अखबार का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. आम को अखबार में अच्छे से लपेट लें और किसी गर्म जगह पर रख दें, जैसे रसोई का कोना या कोई बंद अलमारी.
अखबार अंदर की नमी और गर्मी को बनाए रखता है, जिससे आम प्राकृतिक रूप से पकने लगते हैं. ध्यान रखें कि आम ज्यादा कसकर न लपेटें, ताकि हल्की हवा का प्रवाह बना रहे. इस तरीके से भी आम 3-4 दिनों में पक जाते हैं.
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ज्यादा आम हों तो कैरेट का उपयोग करें
अगर आपने ज्यादा मात्रा में कच्चे आम खरीदे हैं, तो उन्हें एक कैरेट (टोकरा) में रख सकते हैं. सबसे पहले कैरेट के नीचे पेपर बिछाएं, फिर आम रखें और ऊपर से भी पेपर से ढक दें.
यह तरीका अंदर हल्की गर्मी बनाए रखता है, जिससे आम धीरे-धीरे और समान रूप से पकते हैं. ध्यान रखें कि कैरेट को ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न पड़े, लेकिन हल्की गर्माहट बनी रहे.
भूसे में दबाकर पकाने का पारंपरिक तरीका
भूसे में आम दबाकर पकाना हमारे गांवों का एक पुराना और भरोसेमंद तरीका है. इसमें आमों को पूरी तरह भूसे के अंदर दबा दिया जाता है. भूसा प्राकृतिक रूप से गर्मी को बनाए रखता है और एथिलीन गैस को बाहर नहीं निकलने देता, जिससे आम जल्दी और सुरक्षित पकते हैं.
इस तरीके से आम का स्वाद बेहद मीठा और सुगंधित हो जाता है, क्योंकि इसमें कोई केमिकल इस्तेमाल नहीं होता.

इन बातों का रखें ध्यान:
- हमेशा अच्छे और बिना कटे-फटे आम ही चुनें.
- बहुत ज्यादा गर्म जगह पर न रखें, वरना आम सड़ सकते हैं.
- रोज एक बार आम चेक करते रहें.
- पूरी तरह पकने के बाद उन्हें फ्रिज में रख सकते हैं.
नेचुरल तरीके से पकाए गए आम न सिर्फ ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं. कार्बाइड जैसे केमिकल से दूरी बनाकर, इन आसान देसी उपायों को अपनाकर आप घर पर ही बाजार से बेहतर क्वालिटी के आम तैयार कर सकते हैं. अगली बार जब कच्चे आम लाएं, तो इन तरीकों को जरूर अपनाएं और असली देसी स्वाद का आनंद लें.
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